सिर्फ आयरलैंड सरकार ही दे सकती है सविता को न्याय

असल में जब यह पता चला कि डॉक्टरों ने सविता के परिजनों को यह कहकर आबॉर्शन से मना कर दिया कि वो कैथेलिक हैं और उनके धर्म में अबॉर्शन करना गुनाह है। साथ ही उनका कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता। तब लोगों ने कैथोलिक ईसाईयों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो कि गलत है। डेंटिस्ट सविता की मौत के बाद से आयरलैंड में अबॉर्शन के कानून को बदलने की मांगें तेज़ हो गई हैं। लोगों ने गुरुवार को भी संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किये।
उधर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक कदम आगे बढ़ाया है। इसके अंतर्गत डबलिन में भारतीय राजदूत शुक्रवार को आयरलैंड के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करेंगे। भारत इस मामले की स्वतंत्र जांच नहीं करवा सकता है। मामले की जांच आयरलैंड के अधिकारी ही कर सकते हैं, हां यह जरूर है कि एक या दो भारतीयों को जांच टीम में शामिल जरूर किया जा सकता है।












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