Exclusive: घर का हाल जहां राहुल गांधी ने बिताई थी रात

हम यहां उदाहरण के तौर पर एक बांदा जिले के नहरी गांव के भागवत प्रजापति के घर ले चल रहे हैं, जहां राहुल गांधी ने यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान रात बिताई थी और चटनी रोटी खायी थी। उस दिन राहुल ने गांववालों से तमाम वादे किये थे, लेकिन गांव को विकास के नाम पर एक धेला नहीं मिला। आज भी गांव की स्थिति जस की तस है।
भागवत प्रजापति का निधन हुआ, जिसके बाद कांग्रेसियों ने आकर राहुल गांधी का शोक संदेश पढ़कर सुना दिया। गांव वाले तो समझते हैं कि भागवत की मौत पर वाकई में राहुल बाबा को दु:ख हुआ। लेकिन सच्चाई कुछ और है। सच पूछिए तो अगर वाकई में राहुल किसानों का दर्द समझते होते तो बांदा की तस्वीर अब तक बदल चुकी होती। अगर राहुल यह कहें कि यूपी में उनकी सत्ता नहीं, तो गलत होगा, क्योंकि केंद्र मो तो उन्हीं का राज है।
बांदा के नहरी गांव में भूख से मौत का शिकार हुए स्व. भागवत प्रजापति (जिसके घर राहुल गांधी ने रात गुजारी थी) का भतीजा लाला प्रजापति गांव का ग्राम प्रधान है, लाला प्रजापति का कहना है कि जब राहुल गांधी उनके घर रात रुक कर ‘चटनी-रोटी' खाई थी तब ऐसा लगा था कि राहुल और अन्य नेताओं में जमीन-आसमान का फर्क है, राहुल गरीबों के हमदर्द हैं। लेकिन, उनके यहां रुकने के बाद भी यहां के लोगों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
वह बताते हैं कि इस चुनाव में उनके गांव के ज्यादातर मतदाताओं ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। लाला प्रजापति को मलाल है कि बुंदेलखंड को अपने राजनीतिक केन्द्र में रखने के बाद भी राहुल कुछ नहीं कर पाए, यहां तक कि चुनाव पूर्व मचने वाली कांग्रेस की हलचल भी बंद हो गई। कांग्रेस के बांदा जिलाध्यक्ष साकेत बिहारी मिश्र ने कहना हैकि कि राहुल गांधी जल्द ही फिर से बुंदेलखंड में डेरा डालेंगे, अभी वह देश के अन्य हिस्सों में लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।












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