कांग्रेस, भाजपा, बसपा के बारे में क्या सोचती है जनता?
बेंगलूरु। लोकसभा चुनाव के इंतजार की घड़ियां अब शुरू हो चुकी हैं। जनता ने भी सभी पार्टियों का आंकलन अभी से शुरू कर दिया है। यह सवाल तो हमेशा आपके मन में आता होगा कि कौन सी पार्टी कैसी है, लेकिन क्या आपने कभी किसी पार्टी को एक शब्द में संज्ञा दी है। अगर नहीं तो आज दीजिये, क्योंकि देश की जनता ने कई पार्टियों को अलग-अलग संज्ञाएं दे डाली हैं।
बात अगर कांग्रेस की करें तो पहला नाम आता है भ्रष्टतम पार्टी, वहीं भाजपा के लिये लोग सोचते हैं यह सिर्फ हिंदुओं की पार्टी है, जबकि बसपा के लिये मूर्तियों की पार्टी जैसे नाम सामने आये हैं। ये नाम हमने नहीं बल्कि लोगों ने दिये हैं, वो भी एक सर्वे में। इनसाइटो डॉट कॉम द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में 2,357 लोगों ने भाग लिया। इन लोगों ने 7394 जवाब दिये।
इस सर्वेक्षण में शरद पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी, सीपीआई और सीपीआई (एम) के बारे में भी सवाल किये गये, जिन पर लोगों ने जमकर टिप्पणियां कीं।
इस सर्वेक्षण में लोगों ने कांग्रेस को सबसे ज्यादा भ्रष्ट पार्टी कारार दिया है। इसका कारण 2जी, राष्ट्रमंडल खेल से लेकर कोयला घोटाले हैं। यही नहीं सबसे बड़ी बात यह है कि ये संज्ञा 2014 में होने वाले चुनाव में समीकरण बदलने में जरूर कामयाब होंगी।
अब देखिये किस पार्टी को कौन-कौन सी संज्ञा मिलीं

भ्रष्ट कांग्रेस
कांग्रेस को सबसे ज्यादा लोगों ने भ्रष्ट पार्टी की संज्ञा दी है। सच पूछिए तो कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के लिये यह शर्मनाक बात है। इसके अलावा कांग्रेस को लोगों ने जो नाम दिये हैं वो हैं- रिश्वतखोर, धोखेबाज, फ्रॉड, स्वार्थी, सबसे खराब पार्टी, कूड़ा, पैसे बनाने वाली पार्टी, परिवारवादी पार्टी, लूटने वाली पार्टी, लुटेरों की पार्टी, आदि।

भाजपा तो मोदी की पार्टी
लोगों ने भाजपा को ये संज्ञा दी हैं- मोदी की पार्टी, हिंदुवादी पार्टी, कांग्रेस से बेहतर, सांप्रदायिक, हिंदुओं के लिये लड़ने वाली पार्टी, धार्मिक संगठन, देश का भविष्य, विकास की पार्टी, भारत की आस। हालां कि कई लोगों ने इस पार्टी को भी बेहद खराब पार्टी करार दिया।

दलितों की बसपा
मायावती की बहुजन समाज पार्टी के लिये लोग सोचते हैं कि यह पार्टी- फ्रॉड आईडिया देने वाली, दलितों की पार्टी, घोटालों की पार्टी, किसी काम की नहीं, मूर्तियों की पार्टी, धनउगाही करने वाली पार्टी है।

सीपीआई
लोगों का मानना है कि सीपीआई खराब राजनीति करने वाली पार्टी है। इस पार्टी में कुछ नहीं बचा है। किसी काम की नहीं है।

सीपीआईएम
सीपीआईएम के बारे में लोगों का कहना है कि ये पार्टी अब किसी काम की नहीं रही है। देश में सरकार बनाना इसके बस की बात नहीं रह गई है। यह पार्टी हमेशा कंफ्यूजन में रहती है।

एनसीपी
लोगों का कहना है कि यह पार्टी अब सिर्फ शरद पवार के घर की खेती बनकर रह गई है। यह सिर्फ अपने हित के लिये काम करती है, यूं कहिये कि यह पार्टी स्वार्थी है। भ्रष्टाचार यहां भी भरा पड़ा है।












Click it and Unblock the Notifications