ब्राह्मणों के समर्थन से कोसो दूर है सपा

ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष और रायबरेली जिले के ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पाण्डेय ने सम्मेलन की सफलता के लिये काफी प्रयास किये थे और इसमें मुलायम सिंह यादव को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था। स मेलन में नेताजी के शामिल होने का जोर-शोर से प्रचार किया गया था लेकिन अन्तिम समय में सपा मुखिया का क्रार्यक्रम निरस्त होने की वजह से ब्राह्मणों को सपा से जोडऩे के प्रयासों को झटका लगा है।
नेताजी के नहीं आने से उनके छोटे भाई और प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल ङ्क्षसह यादव ने सम्मेलन को सम्बोधित किया हालांकि पहले से उनका इस कार्यक्रम में आने की कोई योजना नहीं थी। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी ने ब्राह्मणों को अपने से जोडऩे के लिये जगह-जगह ब्राह्मण भाईचारा सम्मेलन आयोजित कर रही है।
वहीं स मेलन में मुलायम सिंह यादव की गैरमौजूदगी में उनके भाई शिवपाल यादव ने ब्राहमणों को लुभाने की पुरजोर कोशिश की। श्री यादव ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा देश को दिशा दी है। उन्होंने ब्राहमण समाज को समाजवादी आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने सदैव ब्राह्मणों को सम्मान दिया है और आगे भी सम्मान देती रहेगी।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी आंदोलन में एस एम जोशी, मधुलिमये, जनेश्वर मिश्र और ब्रजभूषण तिवारी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। श्री यादव ने कहा कि पिछली बसपा सरकार ने ब्राह्मणों को बहुत अपमानित किया। वहां किसी ब्राह्मण नेता को बसपा मुख्यमंत्री के बगल में बैठने का स्थान नहीं मिला। क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय, चन्द्रशेखर आजाद की न मूर्तियां लगी और न ही उनके नाम पर पार्क और स्मारक बने।












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