'गर्लफ्रेंड और मोबाइल के चक्कर में होते हैं एक्सीडेंट'

रमन सिंह ने अपने भाषण के दौरान कहा कि अच्छी बाइक, मोबाइल और गर्लफ्रेंड के चक्कर में युवा अपने जान गवा देते हैं। उन्हें थोड़ी ही देर में समझ आ गया कि उनकी बात से लोगों में गुस्सा भर सकता है। तभी उन्होंने आगे सभी मां-बाप से अपील की कि वे अपने बच्चों को बाइक देने से पहले हेलमेट जरूर दें और हेलमेट पहनने के लिये कहें।
शनिवार को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक संगोष्ठी के दौरान रमन सिंह ने गहरी चिंता जताई कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 60 फीसदी मौतें युवाओं की होती हैं। उन्होंने कहा कि युवा एक हाथ में मोबाइल लेकर बात करते हुए बाइक चलाते हैं। कई बार लड़की के चक्कर में वो एक्सीडेंट कर बैठते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत के बाद लगता था कि अब एक्सीडेंट कम हो जायेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बेवजह गुस्सा महिला आयोग
रमन सिंह ने जो कुछ भी कहा, सच पूछिए तो यथार्थ वही है। लेकिन यह बात महिला आयोग को स्वीकार नहीं है। एक टीवी चैनल से बातचीत में महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने रमन सिंह से कहा कि अगर उन्हें हादसों की इतनी फिक्र है तो छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक नियम कड़ाई से लागू क्यों नहीं करवाते। इसमें लड़कियों को दोष क्यों दे रहे हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में जब छोटे-छोटे बच्चों को लाइसेंस बांटा जायेगा तो दुर्घटनाएं तो होंगी ही। इसके लिये जिम्मेदार तो रमन सरकार ही है।












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