हाजी अली की दरगाह पर नहीं जा सकेंगी महिलायें

15वीं शताब्दी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह एक पवित्र स्थल है, जहां हिन्दू, मुसलमान, सिख, आदि सभी धर्मों के लोग दुआ मांगने जाते हैं। नये नियम के मुताबिक महिलाएं हाजी अली साहब की दरगाह पर शॉल, चादर, आदि भेंट तो कर सकती हैं, लेकिन प्रवेश नहीं कर सकती हैं। दरगाह के कंपाउंड तक तो महिलाएं जा सकती हैं, लेकिन उस हॉल में प्रवेश नहीं कर सकतीं, जहां दरगाह बनी है।
दरगाह प्रशासन का कहना है कि यह पाबंदी आज से नहीं बल्कि पिछले सात सालों से लगी हुई है, लेकिन अब इसे कड़ाई से लागू किया जायेगा। यानी अब महिलाएं दरगाह तक नहीं जा सकेंगी।
इस मामले पर बड़े राजनीतिक दलों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। हिन्दूवादी दल भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने इसका विरोध करते हुए इस फैसले को वापस लेने की अपील की। वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी इसकी खिलाफत की है। दिग्विजय ने कहा कि इसके लिये मुसलमानों को आगे आना होगा। राजनीतिक पार्टियों द्वारा विरोध किया जाना सही नहीं होगा।












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