बराक ओबामा फिर बनेंगे अमेरिका के राष्ट्रपति: ज्योतिष

आर्थिक अस्थिरता के तूफान ने वैश्विक पूंजीवादी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस तूफान का प्रभाव लगभग प्रत्येक देश पर पड़ा है, किन्तु फर्क सिर्फ इतना है कि अमेरिका जैस आर्थिक रूप से मजबूत देश की जड़ें हिली हैं तो अन्य देशों की टहनियां टूटी हैं।
वर्तमान समय में पूरे विश्व को 6 नवम्बर का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इस दिन विश्व की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति का चयन होना है। मिट रोमनी बनाम बराक ओबामा का यह चुनाव अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ी कांटे की प्रतिस्पर्धा साबित हो सकती है। वनइंडिया के ज्योतिष पंडित अनुज के शुक्ल ज्योतिषीय विवेचन के आधार पर बता रहे हैं कि कौन बनेगा अमेरिका का राष्ट्रपति?
रोमानी का काल चक्र
समय की कुंडली के अनुसार क्षितिज पर वृश्िचिक लग्न उदित हो रहा है, जो एक स्थिर राशि है। अतः अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में किसी प्रकार का सत्ता परिवर्तन न होकर यथावत स्थिति बने रहने के संकेत प्रतीत हो रहें हैं।
संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी का जन्म लग्न वृष है, जो समय कुण्डली में सप्तम स्थान में स्थित है एंव इसकी दूसरी राशि तुला द्वादष भाव का प्रतिनिधित्व कर रही है। ये दोनों स्थितियां शुभ नहीं कही जा सकती हैं। वर्तमान में रोमनी की कुंडली में शुक्र की महादषा में मंगल का अंतर एंव शुक्र का ही प्रत्यन्तर चल रहा है।
शुक्र लग्नेष व षष्ठेष होकर लाभ में बुध के साथ संग्रस्थ है तथा जिसकी सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर पड़ रही है। जिस कारण रोमनी को जनता का समर्थन व सहयोग प्राप्त होगा किन्तु गोचर में शुक्र नीच का होकर भ्रमण कर रहा है, इसलिए अन्तिम व निर्णायक समय में चुनाव परिणाम रोमनी के पक्ष में आते नहीं दिख रहे हैं।
बराक ओबामा का काल चक्र
अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति एंव डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा का जन्म कन्या लग्न में हुआ है, जो एक द्विस्वभाव राशि है। इसलिए ओबामा परिस्थितियों के अनुसार अपने-आपको ढालने की कला में निपुण है। इसकी दूसरी राशि मिथुन दशम भाव का प्रतिनिधित्व कर रही है। द्वितीयेष एंव भाग्येष होकर शुक्र राज्य एंव उच्च पद के संकेतक भाव दशम भाव पर अपना कब्जा जमाये हुये है।
समय कुण्डली में दशम भाव में सिंह राशि स्थित है। जिसका स्वामी सूर्य बारहवें भाव में बैठा है। बारहवें भाव का सूर्य कठिन से कठिन परिस्थितियों में विजय दिलाने में सक्षम होता है। वर्तमान में ओबामा की जन्मपत्री में गुरू की महादषा में शुक्र का अन्तर एंव शनि का प्रत्यन्तर चल रहा है। गुरु चतुर्थेष एंव सप्तमेष होकर पंचम भाव में पड़ा है, जिसकी सप्तम दृष्टि लाभ भाव पर पड़ रही है।
शनि पंचमेष एंव षष्ठेष होकर पंचम भाव में स्वराषि का होकर बैठा है। जो एक षुभ संकेत है। पंचम भाव जनता का संकेतक भाव है, जिसके फलस्वरूप ओबामा को एक बार पुनष्च जनता का प्यार, सहानुभूति और आषीर्वाद मिलेगा।
बराक ओबामा की जन्म तिथि 04/08/1961 है। अतः अंक ज्योतिष के अनुसार- मूलांक 4, नामांक 8 और भाग्यांक 2 है। इन तीनों अंको का 2012 के चुनाव में काफी योगदान नजर आ रहा है।
1- मतदान की तिथि- 06/11/2012 के अंको को जोड़ने पर अंक 4 आयेगा।
2- यदि नामांक, मूलांक और भाग्यांक इन तीनों के अंको को जोड़ा जाये तो अंक 5 आयेगा एंव वर्ष 2012 के अंको का जोड़ भी अंक 5 ही है।
3- ओबामा बजरंगबली के अनन्य भक्त है। इसलिए मतदान की तिथि के दिन मंगलवार पड़ रहा है।
4- ओबामा अमेरिका के 44 वें राष्ट्रपति है, जिसमें 4 अंक दो बार आया है। अंक 4 ओबामा का मूलांक है। इन सभी संकेतो को मिलाने पर परिणाम सामने आते है कि बराक ओबामा को दूसरी बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति होने का गौरव प्राप्त होगा।












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