बरेली में दिन में दिखेंगे तारे

प्रदेश के बरेली जिले में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दो मोबाइल प्रयोगशालाएं भी तैयार कराई गई हैं जिससे लोगों को आकाश में होने वाली अद्भुत घटनाओं को देखने का मौका मिलेगा। यह मोबाइल प्रयोगशाला नवम्बर में शुरू हो जाएगी। बरेली ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह योजना लागू की जायेगी। यह प्रयोगशाला सबसे पहले राज्य के बरेली मंडल के शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं और पीलीभीत समेत चार जिलों के लोगों को दो सप्ताह तक विज्ञान और अंतरिक्ष की बारीकियों से रूबरू करायेगी।
इस मोबाइल प्रयोगाशाला में एक बार में 35 लोग महज चांद सितारों का नजारा करने के साथ खगोल विज्ञान के रहस्यलोक को सहजता से समझ सकेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को फैलाना है ताकि ग्रामीण युवा भी आधुनिक आविष्कारों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। कार्ययोजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश के लगभग सभी जिलों में विज्ञान सूचना केन्द्र काम कर रहे हैं।
योजना के पूरी तरह से अमल में आने के बाद राज्य के सुदूर गांव भी आधुनिक शोध, आविष्कार और विज्ञान संबंधी जानकारी से अछूते नहीं रहेंगे। आम आदमी को खगोल विज्ञान के रहस्यों से रूबरू कराने के लिए बरेली के सीमावर्ती रामपुर जिले में 18 सितम्बर को देश की आधुनिकतम नक्षत्रशाला का उद्घाटन किया गया था। इस नक्षत्रशाला में डिजिटल लेजर तकनीक पर आधुनिकी उपकरणों की स्थापना की गई है। यह नक्षत्रशाला आधुनिकतम लेजर तकनीक पर आधारित देश की पहली नक्षत्रशाला है। रामपुर की नक्षत्रशाला राज्य सरकार द्वारा स्थापित की गई राज्य की तीसरी नक्षत्रशाला है। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा स्थापित की गई दो अन्य नक्षत्रशालाएं लखनऊ और गोरखपुर में हैं। इन तीन राजकीय नक्षत्रशालाओं के अलावा मोबाइल प्रयोगशालाओं के माध्यम से अब जल्द ही राज्य की आम जनता आकाश और नक्षत्र की नई नई जानकारियां प्राप्त कर सकेगी।












Click it and Unblock the Notifications