ऐसे मना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्‍मदिन!

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुधवार को 80 वर्ष के हो गये। पूरा देश उनका जन्‍मदिन मना रहा है। राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी, यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने सुबह ही उन्‍हें बधाई दी। साथ में कई नेताओं ने उन्‍हें बधाई संदेश भेजे। बात अगर देश की जनता की करें तो जो केंद्र सरकार से खुश हैं, वो उन्‍हें शुभकामनाएं दे रहे हैं, जो सरकार की नीतियों से तंग आ गये हैं, वे उनका मजाक उड़ा रहे हैं। देश की सोशल नेटवर्किंग साइटों को देखें तो लोग उनका जन्‍मदिन महंगाई विरोधी दिवस के रूप में मना रहे हैं।

Manmohan Singh 80th Birthday bash in Delhi

वनइंडिया ने पीएम की काल्‍पनिक बर्थडे पार्टी को कुछ इस प्रकार सजाया। हम इस पार्टी में पीएम मनमोहन सिंह को एमएमएस से संबोधित करेंगे।

पार्टी का आयोजन 7 रेसकोर्स रोड पर हो रहा है, जहां कई पार्टियों के नेता शामिल हो रहे हैं। पार्टी शाम के 7:30 बजे शुरू होती है। सोनिया गांधी अभी तक पहुंची नहीं थीं। लीजिये वो अभी-अभी आयी हैं-

सोनिया (हाथों में फूलों का गुलदस्‍ता): हेलो मनमोहन जी। जन्‍म दिन मुबारक हो!

एमएमएस: ओह मैडम जी। आपने मेरे घर तक आने की इतनी ज़हमत क्‍यों उठाई। आप कह देतीं तो मैं ही आपके घर आ जाता और वहीं बर्थडे मना लेता।

सोनिया: नहीं मनमोहन जी, ये आपका बर्थडे है। आपके ही घर पर होना चाहिये।

एमएमएस: जरूर मैडम जी, जैसा आप कहें।

लाल कृष्‍ण आडवाणी वहीं पास में खड़े हैं। कांग्रेस नेताओं की बातों को सुन रहे हैं, वे आगे आये और बोले: मनमोहन जी, आप देश के प्रधानमंत्री हैं। आप अपनी पार्टी अध्‍यक्ष से कैसे कह सकते हैं कि आप उनके घर बर्थडे मनाने चले जाते? मर्द बनिये भाई। वैसे भी आप भ्रष्‍टाचार से पूरी तरह घिर चुके हैं और जनता-विरोधी नीतियों पर चल रहे हैं। अब आप इस्‍तीफा दे दो। आज का दिन शुभ है।

एमएमएस: आडवाणी जी। मुझे बेवकूफ मत बनाइये। मैं जानता हूं आपने देश के लौह पुरुष बनकर क्‍या किया था। आप और आपकी सरकार 1999 में आतंकवादियों से कुछ लोगों तक को नहीं बचा पाये थे, जब प्‍लेन हाईजैक किया था। अगर ऐसी स्थिति आयी तो मेरे पास कम से कम कोई तो है, जो आगे आयेगा। और रही बात भ्रष्‍टाचार की तो एनडीए सरकार ने भी कई सारी गलतियां की थीं। आप उसमें से फरे-फरे निकल गये, क्‍योंकि आपके पास वाजपेयी थे। मैं आपसे ज्‍यादा ईमानदार हूं और मैं मैचो नहीं बनना चाहता हूं, लेकिन हां ऐसा प्रधानमंत्री जरूर बनना चाहता हूं।

यह सुनकर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कहा: मनमोहन जी, क्‍या आप सोचते हैं कि आप कुछ बातों के लिये अच्‍छे पीएम हैं? क्‍या आपने खुद से कोई बात कही है आज तक? हाल ही में जब आप राष्‍ट्र को संबोधित कर रहे थे, मुझे लगा आप सोते-सोते बोल रहे हैं। क्‍या आपके शरीर को किसी ने कुर्सी से बांध दिया था और टेप चला दिया था?

एमएमएस: नेताजी अगर आप कुछ न बोलें तो बेहतर होगा। मैं अब अपना आत्‍मविश्‍वास जीतने की कोशिश कर रहा हूं। मेरी मैडम ने कहा है कि हम आपके पीछे हैं, बस आप देश के लोगों से आंख मिलाकर बात करो। यही कारण है कि मैंने अपनी आंखों की पलकें तक नहीं हिलायीं। और आप नेताजी आपतो हर घंटे पर कुछ न कुछ अलग बोलते हो। रात को जो बोला, वो सुबह भूल गये, सुबह बोले तो रात को भूल गये। वर्तमान में एफडीआई पर आपका क्‍या स्‍टैंड है?

मुलायम: मैं.... मैं उसके समर्थन... अररे नहीं खिलाफ.... रुको भाई अभी बताता हूं।

एमएमएस: और आपके बेटे अखिलेश का क्‍या स्‍टैंड है इस पर?

मुलायम: यह मुझे देखना होगा। मुझे लगता है वो उसके खिलाफ है।

एमएमएस: आपको देखना होगा। मैं तो यही सोचता हूं कि आप दोनों एक ही पार्टी के हैं।

वहीं अचानक ममता बनर्जी पहुंची। ममता एमएमएस के बुलावे पर नहीं बल्कि मुलायम सिंह के बुलावे पर पार्टी में आयी।

पहुंचते ही ममता बोलीं: मनमोहन बाबू मुझे भटकाने की कोशिश मत करिये। हमें कोई एफडीआई (फॉरेन दलाल इंडस्‍ट्री) नहीं चाहिये। हम हमेशा अपनी मां, माटी और मानुष की वजह से हैं। हम उनके खिलाफ नहीं जा सकते। यह मेरे अंतिम शब्‍द हैं।

एमएमएस: ममता जी आपको यहां किसने बुलाया? आपने कहा था कि आपको मेरा एसएमएस नहीं मिला। मैंने आपको अपनी बर्थडे पार्टी में उस दिन बुलाने की बात कही थी, लेकिन उस दिन आप बहुत गुस्‍से में थीं, कि आप सरकार से ही बाहर चली गईं।

ममता: नहीं मैं आज मुलायम जी की पार्टी में आयी हूं। किसका जन्‍मदिन है आज? मुकुल, मुकुल! तुमने मुझे बताया क्‍यों नहीं था कि एसएमएस मनमोहन जी की बर्थडे पार्टी के लिये था? मुझे रेल मंत्रालय नहीं छोड़ना चाहिये था, अब मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को क्‍या जवाब दूंगी।

प्रकाश करात: देखिये, ममता हर जगह घालमेल कर देती हैं।

एमएमएस: आपकी पार्टी में कितने सांसद हैं, जो एफडीआई का समर्थन करते हैं?

करात: मैं नहीं जानता। मुझे देखना होगा कि केरल और बंगाल में हमारे पास कितने एमपी हैं।

सीताराम येचुरी: सांसद चाहे जितने भी हों, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो एफडीआई का समर्थन करते हैं। वैसे भी हमने तो नेताजी से तीसरा मोर्चा बनाने का वादा कर लिया है।

करात: ओह हां, सॉरी पीएम साहब। हम आपकी इस बारे में कोई मदद नहीं कर सकते।

एमएमएस: हा हा हो हो हे हे.... ये तीसरा मोर्चा क्‍या है। क्‍या यह फ्रस्‍टेट लोगों का फ्रंट है?

मुलायम: मनमोहन जी आप हमारी इस तरह इंसल्‍ट नहीं कर सकते। हमारा तीसरा मोर्चा भारत को दिखा देगा कि विविधता में कितनी एकता है। हमारे पास ममता भी होगी।

ममता: हू... कतई नहीं नेताजी... हम कभी भी लेफ्ट के साथ नहीं रह सकते। हम अकेले आगे बढ़ेंगे। हमारा आईडिया है- एकला चलो रे।

आडवाणी: धन्‍यवाद ममता बहन। आप अकेले आगे बढ़ें, ताकि हम पश्चिम बंगाल में मजबूत हो सकेंगे। परिणाम वही होगा जो कांग्रेस का हुआ, कि वो राज्‍यों से अपनी पैठ खो चुकी है।
राहुल गांधी, जो अभी तक चुपचाप खड़े थे, गुस्‍से में आ गये: आडवाणी जी आप तो वरिष्‍ठ व्‍यक्ति हैं आपको पता है आप क्‍या कह रहे हैं। कांग्रेस के खिलाफ एक शब्‍द मत बोलिये। मैं जल्‍द ही पार्टी में अब बड़ी जिम्‍मेदारी लेने जा रहा हूं। और मैं देश को दिखा दूंगा कि हम अपने दम पर सत्‍ता में आ सकेते हैं।

सोनिया: राहुल बाबा। अब यह संभव नहीं है। भारत बदल गया है।

राहुल: नहीं मॉम। मैं कुछ नहीं जाता। मैं यूपी, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल जीतूंगा। मैं नरेंद्र मोदी बनना चाहता हूं। उन्‍हें सब प्‍यार करते हैं, लेकिन मेरे ऊपर सब हंसते हैं।

एमएमएस: राहुल बाबा, मैं आपसे कब से कह रहा हूं कैबिनेट ज्‍वाइन कर लीजिये। यह सब तभी संभव होगा जब आप सरकार में शामिल होंगे। आपतो प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं। मेरे लिये अब बहुत हुआ। सही कहा न सोनिया जी?

सोनिया (गुस्‍से में): नहीं मनमोहन जी। आप अपना कार्यकाल पूरा करिये। डूबते हुए जहाज का कप्‍तान राहुल क्‍यों बने। मैं 2014 में उसे नया जहाज दूंगी। हम अपनी नीतियों पर कायम रहेंगे, जो कांग्रेसी हमेशा करते आये हैं।

सभी कांग्रेस समर्थक: सोनिया गांधी अमर रहें।

आडवाणी: अरे आप लोगों को यूपीए 3 के आने की उम्‍मीद है? यह असंभव है। यहां तक वहां तो एनडीए भी नहीं होगी।

मुलायम: और तब मैं प्रधानमंत्री बनूंगा। तीसरे मोर्चे के मेरे दोस्‍तों आपका क्‍या कहना है?

करात: नहीं, हम तीसरा मोर्चा लायेंगे, चाहे सत्‍ता में आयें चाहे नहीं आयें, रही बात पीएम पद की तो इस पर हम कोई चर्चा फिलहाल नहीं चाहते। ऐसे खेल सिर्फ ममता खेलती हैं।

ममता: चुप करो, कोरात बाबू। हम अपने स्‍टैंड पर हमेशा अटल रहते हैं। अपना काम करो।

मायावती: मैं भी कुछ ऐसा ही सोच रही थी। मैं हमेशा सपा के खिलाफ हूं। अगर वो एफडीआई को समर्थन नहीं करेगी, तो मैं करूंगी, अगर करेगी तो मैं नहीं करूंगी।

जयाललिता: यहां भी ऐसा ही कुछ है। मैं डीएमके के खिलाफ कुछ भी कर सकती हूं।
टीआर बालू: मनमोहन जी आपने हमें यहां हमारी बेइज्‍जती करने के लिये बुलाया था? हम आपकी सरकार को गिरा देंगे।

प्रणब मुखर्जी: मेरी ऑफिस टेबल पर अब जगह नहीं बची है। इस्‍तीफों के पत्र, कसाब की याचिका, दुर्गा पूजा इंविटेशन, आदि पूरी मेज भरी पड़ी है। पहले मैं अपने काम निबटा लूं तब इस्‍तीफा लेकर मेरे पास आना।

एमएमएस: शांति शांति। मैं यहां पर झगड़ा नहीं चाहता हूं। अरे ये मेरा बर्थडे है। सोनिया जी। सरकार मेजॉरिटी में है या माईनॉरिटी में है, यह बताने के लिये क्‍या मैं फिर से राष्‍ट्र को संबांधित करू?

सोनिया: नहीं मनमोहन, कुछ समय इंतजार करिये। मैंने अभी तय नहीं है कि आपको क्‍या बोलना है।

आडवाणी: शेम! शेम!

मीरा कुमार: शांत हो जाइये, शांत हो जाइये... सब बैठ जाइये! केक आ गया है, मनमोजन जी, सोनिया जी की अनुमति लेकर आप केक काटिये।

एमएमएस: क्‍या मैं केक काटूं सोनिया जी?

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