'पीएम साहब पैसे पेड़ो पर नहीं घोटालों से उगते हैं'
जाने-माने पत्रकार आनंद सिंह ने भी अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि 'सही कहा पीएम साहब ने, पैसे पेड़ो पर नहीं उगा करते हैं बल्कि स्पैक्ट्रम और खाद्यानों के घोटालों से उगा करते हैं जो सीधे पीएम जी के मंत्रियों की जेब में जाते हैं।'
तो वहीं आईटी में काम करने वाली रश्मि मिश्रा ने फेसबुक पर लिखा है कि इससे अच्छी तो मनमोहन जी आपकी खामोशी थी। ऐसा ही कुछ जेनयू में पढ़ने वाले छात्र रमेश दूबे ने भी लिख कर शेयर किया है। आप समझ गये होंगे कि आम जनता जिसके पास सूझ-बूझ है वो मनमोहन सिंह की इस बात से इत्तफाक नहीं रखती है और उसके अंदर बढ़ती महंगाई के कारण आक्रोश भरा हुआ है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की जनता को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि देश के लोगों का भारतीय अर्थव्यवस्था से भरोसा ना उठे इसलिए उन्होंने सख्त कदम उठाये हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि पैसे पेड़ो पर नहीं उगा करते हैं, यदि सरकार कड़े कदम नहीं उठाती तो वित्तीय घाटा, सरकारी खर्चा खासा बढ़ जाता जिससे केवल आम जनता ही परेशान होती जिसका समाधान निकालना मुश्किल ही नहीं नामुमकीन होता इसलिए सरकार ने कड़े कदम उठाये हैं।
एफडीआई का फैसला देश हित में है। अगर हम ऐसा नहीं करते तो देश घाटे में रहता और निवेशकों का विश्वास भारत में कम हो जाता, वे कतराने लगते और ब्याज की दरें बढ़ जाती...बेरोजगारी भी बढ़ जाती और दुनिया उन पर दया नहीं करती है जो अपनी समस्या और मुश्किलों का हल खुद नहीं करते हैं।













Click it and Unblock the Notifications