पैसे पेड़ो पर नहीं उगा करते: मनमोहन सिंह
सरकार केवल आम जनता के बारे में ही सोचती है इसलिए उसने बेहतर कदम उठाये हैं। पीएम ने कहा कि देश के लोगों का भारतीय अर्थव्यवस्था से भरोसा ना उठे इसलिए उन्होंने सख्त कदम उठाये हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि पैसे पेड़ो पर नहीं उगा करते हैं, यदि सरकार कड़े कदम नहीं उठाती तो वित्तीय घाटा, सरकारी खर्चा खासा बढ़ जाता जिससे केवल आम जनता ही परेशान होती जिसका समाधान निकालना मुश्किल ही नहीं नामुमकीन होता इसलिए सरकार ने कड़े कदम उठाये हैं।
एफडीआई का फैसला देश हित में है। अगर हम ऐसा नहीं करते तो देश घाटे में रहता और निवेशकों का विश्वास भारत में कम हो जाता, वे कतराने लगते और ब्याज की दरें बढ़ जाती...बेरोजगारी भी बढ़ जाती और दुनिया उन पर दया नहीं करती है जो अपनी समस्या और मुश्किलों का हल खुद नहीं करते हैं।
डीजल की कीमत में वृद्धि और एलपीजी पर लगाई गई सीमा का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी तेल के पदार्थों की कीमते हैं। मनमोहन सिंह ने 1991 के विदेशी मुद्रा संकट का जिक्र करते हुए कहा, पिछली बार कोई विदेशी निवेशक हमें कर्ज देने को तैयार नहीं था,इससे पहले कि लोगों का भरोसा खत्म हो जाए हमें कदम उठाने पड़े। अंत में मैं अपनी जनता से यही कहना चाहता हूं कि वो सरकार का साथ दे और किसी के बहकावे ना आये।













Click it and Unblock the Notifications