कैबिनेट का बड़ा फैसला, 51 प्रतिशत FDI को मंजूरी

सरकार ने नाल्कों में साढ़े 12 फीसदी, ऑयल इंडिया में दस फीसदी, हिंदुस्तान कॉपर में 9.59 फीसदी विनिवेश को मंजूरी दी है। विदेशी निवेश में राज्यों के विरोध को देखते हुए उनको अपनी मर्जी से अपनाने और न अपनाने के लिए स्वतंत्रा दी गई है। केवल रिटेल में ही नहीं बल्कि घरेलू एयरलाइंस में भी 49 फीसदी निवेश को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने सिंगल ब्रैंड रिटेल के लिए 100 फीसदी एफडीआई को भी हरी झंडी दी है। कमेटी ने केबल और डीटीएच सेक्टर में भी एफडीआई बढ़ाने की सहमति दी है। कुछ लोगों ने रीटेल के लिए इस फैसले को बड़ा कदम बताया है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि इससे महंगाई पर काबू पाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार के इस फैसले को संसद में पास होने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
यूपीए के सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। इस फैसले के बाद अब विदेशी कंपनियां भारत में मल्टी ब्रैंड रीटेल में 51 फीसदी निवेश कर सकेंगी। सरकार ने पिछले साल भी एफडीआई को अनुमति दी थी, लेकिन उनके सहयोगी और विपक्षी दलों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था, जिसके कारण इसको टालना पड़ा था।












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