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कैबिनेट का बड़ा फैसला, 51 प्रतिशत FDI को मंजूरी

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नई दिल्‍ली। विदेशी निवेश पर कैबिनेट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला किया है। रीटेल में एफडीआई को सरकार की मंजूरी मिल गई है। 51 प्रतिशत विदेशी निवेश को सरकार की इजातज मिल गई है। आज सीसीपीए की बैठक में सरकार ने 5 सार्वजनिक कंपनियों में विनिवेश को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने हिंदुस्तान कॉपर, नाल्को, ऑयल इंडिया लिमिटेड के विनिवेश को हरी झंडी दिखा दी है।

सरकार ने नाल्‍कों में साढ़े 12 फीसदी, ऑयल इंडिया में दस फीसदी, हिंदुस्‍तान कॉपर में 9.59 फीसदी विनिवेश को मंजूरी दी है। विदेशी निवेश में राज्‍यों के विरोध को देखते हुए उनको अपनी मर्जी से अपनाने और न अपनाने के लिए स्‍वतंत्रा दी गई है। केवल रिटेल में ही नहीं बल्कि घरेलू एयरलाइंस में भी 49 फीसदी निवेश को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने सिंगल ब्रैंड रिटेल के लिए 100 फीसदी एफडीआई को भी हरी झंडी दी है। कमेटी ने केबल और डीटीएच सेक्‍टर में भी एफडीआई बढ़ाने की सहमति दी है। कुछ लोगों ने रीटेल के लिए इस फैसले को बड़ा कदम बताया है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि इससे महंगाई पर काबू पाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार के इस फैसले को संसद में पास होने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

यूपीए के सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। इस फैसले के बाद अब विदेशी कंपनियां भारत में मल्‍टी ब्रैंड रीटेल में 51 फीसदी निवेश कर सकेंगी। सरकार ने पिछले साल भी एफडीआई को अनुमति दी थी, लेकिन उनके सहयोगी और विपक्षी दलों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था, जिसके कारण इसको टालना पड़ा था।

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English summary
Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) on Friday accepted 51 per cent foreign direct investment (FDI) in multi-brand retail.
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