सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, क्या सही ढंग से बटे थे कोल ब्लॉक?

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर विचार करते हुए सरकार को नाटिस जारी किया है और पूछा है कि क्या इसमें सरकार की नीति या गाइडलाइन का पालन किया गया? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 8 हफ्तों को समय दिया है और जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के जज आर एन लोढ़ा ने ऑबजर्वेशन किया है जिसमें सरकार से पूछा गया कि कोल ब्लॉक के ज्यादातार आवंटन नेताओं या उनके रिश्तेदारों को ही हुई हैं, क्या यह महज इत्तेफाक है? इसके साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत ने संसद के भीतर इस मामले पर चल रही कार्यवाही में हस्क्षेप से इनकार कर दिया जिसमें पीएसी की जांच प्रक्रिया शामिल है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल रोहिंटन नरीमन ने कोर्ट में बताया कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच के बिंदु बाद का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले यह जानना चाहा कि सरकार ने जो गाइडलाइन बनाई है यह आवंटन उन नियमों के मुताबिक हुआ या नहीं? मालूम हो कि दूसरी तरफ कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा है कि कुछ और कोल ब्लॉक आवंटन को रद्द किया जा सकता है। सरकार की नजर 21 कोल ब्लॉक्स पर है जो कि संदेह के घेरे में है।












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