हिंदी भाषा सरकार और लोगों के बीच का माध्यम: प्रणव

मुखर्जी ने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि हमारा लोकतंत्र मजबूत और प्रगतिशील हो, तो राज्य और केंद्र सरकारों को अपने काम-काज में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा का उपयोग करने चाहिए। हिन्दी दिवस के अवसर पर 50 सरकारी विभागों को हिन्दी के प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका के लिए प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया।
मुखर्जी ने भारतीय भाषाओं को नदियां और हिंदी भाषा को महानदी बताते हुए कहा कि अगर हम लोकतंत्र को शक्तिशाली बनाने चाहते हैं, तो हमे केंद्र के काम-काज में हिंदी भाषा और राज्यों के काम-काज में प्रांतीय भाषा का उपयोग करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि विविधता में एकता भारत की अनोखी विशेषता है। हिंदी सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
गौरतलब है कि देश के संविधान निर्माताओं ने 14 सितंबर को हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार करने का फैसला लिया था। इसलिए हर साल 14 सितंबर को सरकार हिंदी दिवस मनाती है, लेकिन सोचने वाली बात है कि अभी तक हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्ज नहीं मिल पाया है।












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