दलालों को झटका, फिंगर से मिलेगा राशन

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चार जिलों में लागू की गई। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस योजना को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के सभी जिला मुख्यालयों पर स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए फार्म भेजे गए हैं।
इससे पूर्व हरियाणा के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को चार जिलों में लागू किया गया था। उनमें पंचकूला, अंबाला, सोनीपत व सिरसा जिले में लागू किया गया था। अब इस योजना का विस्तार कर पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
इस योजना के तहत सभी जिलों में डिपो होल्डरों को स्वैपिंग मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस मशीन से कार्ड धारक की मशीन में इंट्री होगी। कार्ड बनाते समय परिवार के सभी सदस्यों के नाम, लिंग, आयु, संबंध दर्ज होंगे, परिवार के सदस्यों के फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे।
झज्जर जिले की ही बात की जाए तो यहां पर दो लाख, 21 हजार 884 कार्ड धारक हैं। इनमें एपीएल के 190862, सेंट्रल बीपीएल के 16515, स्टेट बीपीएल के 8284, एएवाइ के 5854, होम लेस के 368 कार्ड धारक हैं। उनके राशन कार्डो की अवधि दो वर्ष पहले ही समाप्त हो गई थी। इस अवधि को एक-एक वर्ष करके दो बार बढ़ाया जा चुका है। फिलहाल यह अवधि 31 दिसंबर 2012 तक बढ़ाई गई थी। झज्जर जिले में स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय से 2 लाख 98 हजार फार्म भेजे गए हैं।












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