पैसे लेकर अंग्रेजों के लिये मुखबिरी करते थे दिग्विजय के पूर्वज: शिव सेना

आपको बताते चलें कि सामना में यह कॉलम प्रेम शुक्ला ने लिखा है। प्रेम शुक्ला सामना के हिंदी संस्करण के संपादक हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से दिग्विजय सिंह और ठाकरे परिवार के बीच जुबानी हमलों का दौर जारी है। विवाद उस वक्त शुरु हुआ जब दिग्वितय सिंह ने कहा था कि बिहारियों का विरोध करने और उन्हें धमकी देने वाला ठाकरे परिवार खुद बिहार से आया है। इसके लिये दिग्विजय सिंह ने ठाकरे परिवार पर लिखी किताब का हवाला दिया। उसके बाद दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद उद्धव ठाकरे तिलमिला गये और दिग्विजय सिंह को पागल कह डाला।
गौरतलब है कि मुंबई के आजाद मैदान में हुई हिंसा के बाद राज ठाकरे ने बिहारियों को धमकी देते हुए कहा था कि अब अगर वो महाराष्ट्र में आये तो उन्हें घुसपैठिया करार देकर खदेड़ दिया जायेगा। वहीं राज ठाकरे ने यह भी आशंका व्यक्त की थी कि आजाद मैदान हिंसा में बिहारियों का हाथ है। उसके बाद राजनीति गरमा गई थी और ठाकरे के नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications