सत्याग्रह के सामने झुकी सरकार, मानी मांगे

शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि बांध में पानी का जलस्तर कम किया जायेगा और किसानों को जमीन के बदले जमीन दी जायेगी। उनका कोई शोषण नहीं करेगा बस उन्हें हम पर भरोसा रखना पड़ेगा। राज्य में विकास जरूरी है इसलिए बांध बनना जरूरी है लेकिन यह निर्माण तभी होगा जब सब लोग सहमत होंगे, किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं होगी। उनकी ओर से तैयार की गयी एक टीम आज खंडवा जाकर मुआयना करेगी और सत्याग्रह पर बैठे किसानों का हाल-चाल जानेगी।
भाजपा सरकार का यू-टर्न लेने के पीछे कांग्रेस का कहना है कि जब केन्द्र ने वहां जाने का फैसला ले लिया तब राज्य सरकार चेती है, वो बुरी ना बने इसलिए उसने जमीन देने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि ओंकारेश्वर बांध का स्तर 30 गांवों की 1000 एकड़ में फैल गया है। गांव के किसानो को डर है कि कहीं इस कारण उनका गांव जल में डूब ना जाये। इसलिए वो सभी जलसत्याग्रह कर रहे हैं। आज जलसत्याग्रह का 17वां दिन है। सभी किसान पिछले 16 दिनों से जलमग्न हैं। जल में डूबे होने से किसानों के शरीर की त्वचा गल गयी है उन्हें मछली, केकड़े और पानी के सांप परेशान कर रहे हैं। किसानों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।












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