असीम त्रिवेदी से जेल में मिलने जायेंगे केजरीवाल

असीम की गिरफ्तारी के विरोध में उन्नाव और कानपुर में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान असीम की रिहाई की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे और केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायस्वाल का घेराव किया।
सबसे पहला विरोध किया है भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने। उन्होंने कहा कि त्रिवेदी पर देश द्रोह का मुकदमा चलाया जाना सरा-सर गलत है और व्यक्ति को अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हनन है। हो न हो इस पूरे एपिसोड के पीछे राजनेताओं का हाथ है, जो पुलिस के साथ मिलकर षणयंत्र रचा है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं के कहने पर पुलिसवालों ने यह गिरफ्तारी की है, उलटा उन्हें ही जेल में डाल देना चाहिये।
काटजू ने कहा कि राजनेताओं की आलोचना करने वाले कार्टून तो प्रकाशित होते रहते हैं, इसलिये इस पर इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिये। इस तरह गिरफ्तार करना भी दंडनीय अपराध है। वहीं मुंबई की अदालत ने ने रविवार को त्रिवेदी को 7 दिल की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
ट्विटर पर असीम के समर्थन में तमाम ट्वीट्स किये गये, जिनमें शेखर कपूर ने लिखा कि असीम से ज्यादा तो संसद का अपमान कई लोग संसद में बैठकर कर रहे हैं। वहीं मनोज बाजपेयी ने ट्वीट किया कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी जरूरी है और इसकी रक्षा करना चाहिये।
अभिनेता जस्पाल भट्टी ने लिखा है क्या उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिये जो भ्रष्टाचार के लिये नोटों का इस्तेमाल करते हैं। बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने लिखा है कि इस तरह से भारत सरकार कार्टून पर सेंसरशिप लगाना चाहती है।












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