नक्‍सली इलाकों में बीएचयू का जॉब ओरियंटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम

Banaras Hindu University
लखनऊ। कम बारिश व सीमित संसाधनों में बेहतर पैदावार करने की तकनीक बताने वाला बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अब पूरे एशिया का माडल ग्रामीण विश्वविद्यालय बन गया है यहां किसानों व आदिवासियों से जोड़कर स्थानीय वनस्पतियों को अधिक से अधिक लोकोपयोगी तो बनाया ही जा रहा है साथ ही नक्सल प्रभावित इलाके के युवकों को नि:शुल्क रोजगार प्रशिक्षण की भी पहल की है।

इन वैज्ञानिक एवं नवीनतम तकनीक के लिए किसानों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। वहीं बीज, खाद और मिट्टी परीक्षण, पशु रोग निदान, बागवानी के लिए नर्सरी आदि भी नि:शुल्क देने की योजना है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक का कहना है कि देश में नये अध्ययन के लिए 'इंस्टीट्यूट आफ ट्राइबल मेडिसन एवं जिनोमिक्स अध्ययन केन्द्र खोलने का प्रस्ताव है।

उनके मुताबिक यह देश का अपने तरह का नया केन्द्र होगा जिसमें आदिवासियों को वनस्पतियों के बारे में पार परिक जानकारी देकर वैज्ञानिक रुप देकर उपचार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान संस्थान को सीधे सीधे गांव से जोड़कर लाभ दिलाने के प्रयास को अब एक अभियान के रुप में शुरु किया गया है। मौसम की मार से बुन्देलखंड के साथ विंध्याचल का क्षेत्र प्रदेश में सर्वाधिक प्रभावित है।

विंध्य एवं कैमूर के जंगल का यह क्षेत्र पहाड़ी होने के साथ आदिवासी बहुल वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। क्षेत्र में कम वर्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे बीज एवं खाद आदि का वितरण शुरू किया गया है जिसमें पानी की कम से कम आवश्यकता हो। बीएचयू में इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी को बीज उपलब्ध हो सके। यहां इस वर्ष विज्ञान स्नातक व बीएससी एजी की पढई शुरू की गयी है।

अगले वर्ष पशु चिकित्सा केन्द्र शुरू किया जा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने पशु चिकित्सा संस्थान के लिए सौ करोड़ रपये स्वीकृत किए हैं जिसमें 35 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। पशु चिकित्सा संस्थान से स्थानीय पशुओं की चिकित्सा नि:शुल्क दी जायेगी। वहीं रोजगारपरक का पाठ्यक्रम संचालित है जिसमें दो हजार छात्र-छात्रायें पढ़ रहे हैं। माडल ग्रामीण विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हो रहा यह संस्थान मिर्जापुर शहर से नौ किलोमीटर दूर विंध्यपर्वत पर 2800 एकड़ क्षेत्र फैला है।

विस्तृत क्षेत्र में फैले एशिया के सबसे बडे परिसर वाले राजीव गांधी दक्षिणी परिसर को वनस्पतियों के माध्यम से आदिवासियों के पार परिक ज्ञान को वैज्ञानिक स्वरूप देने के साथ जिनोमिक्स के माध्यम से अनुवांशिक रोगों के निदान केन्द्र के रूप में प्रतिस्थापित करने की योजना है। यह अपनी तरह का देश का अलग एवं पहला निदान केन्द्र होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+