आरूषि की अस्थियां लेकर पहले ही हरिद्वार जाने वाले थे तलवार: गवाह

सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस लाल के सामने गवाह ने कहा कि राजेश को अपनी बेटी की अस्थियां 17 मई, 2008 को मिली थी, और अगले दिन उसको प्रवाहित करने के लिए हरिद्वार जाने वाले थे। परिवार के बड़े बुजुर्गो ने उनको सलाह दी कि अस्थियां अगले दिन प्रवाहित नहीं की जा सकती, क्योंकि अगला दिन रविवार था।
सीबीआई की विशेष अदालत में त्रिपाठी की गवाही के बाद बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि इस गवाही से यह तो साफ हो गया कि राजेश और नूपुर तलवार ने सबूतों के साथ छेड-छाड़ नहीं की, बल्कि रिश्तेदारों की सलाह पर उन्होंने ऐसा किया था। त्रिपाठी की गवाही के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरूवार तक के लिए स्थगित कर दी है।












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