निकाय चुनाव में हारे भाजपाई पार्टी से बाहर

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस निष्कासन की घोषणा की। गौरतलब है कि पार्टी ने सिर्फ उन्हीं लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जो निकाय चुनाव में हार गये है। हालांकि जिन लोगों ने चुनाव में विजय हासिल की भले ही उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों की मर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा हो उन्हें बाहर नहीं किया गया बल्कि भाजपा उनकी आवभगत कर रही है।
भाजपा इन दिनों मिशन 2014 की तैयार में है और उसका कहना है कि लोक सभा चुनाव से पूर्व ही पार्टी में सफाई कर दी जाए। गुटबाजी का शिकार हो चुकी भाजपा ने कई लोगों को पार्टी से बाहर कर दिया। भाजपा ने जिन लोगों का पार्टी से बाहर किया उसमें वही लोग थे जिन्होंने पार्टी के टिकट के बगैर निकाय चुनाव तो लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि निष्कासित लोगों में 70 चेयरमैन और दो मेयर प्रत्याशी शामिल हैं जबकि 334 ने पार्टी से विद्रोह कर सभासद का चुनाव लड़ा था। इनमें सर्वाधिक लखनऊ के 76, कानपुर में 55, आगरा में 29, बरेली में 42, अलीगढ़ में 6, मुरादाबाद में 8, गाजियाबाद में 18, गोरखपुर के 5, वाराणसी में 34, मेरठ में 46, इलाहाबाद के 15 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 18 सदस्यीय अनुशासन समिति की अनुशंसा पर इन लोगों पर कार्रवाई की गयी है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में पार्टी के सदस्यता अभियान में आशातीत सफलता मिल रही है। अभी तक 80.45 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। निर्धारित तिथि 15 सितम्बर तक गत वर्ष की अपेक्षा तीन गुना होने की संभावना है। गत वर्ष 53 हजार सदस्य बनाये गये थे। पार्टी पदाधिकारी कहते हैं कि जिस प्रकार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं उससे कहा जा सकता है कि आने वाले चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।












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