फांसी पर बरकरार फैसले से कसाब अंजान

उन्होंने कहा कि अभी हमने कसाब को बताना उचित नहीं समझा, क्योंकि हमारे पास अभी फैसले की प्रति नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यही उचित रहेगा कि फैसले के बारे में जानकारी समुचित तरीके से दी जाए। जेल का अधिकारी होने के नाते फैसले की जानकारी देना हमारा कर्तव्य है। अभी हम उसको जानकारी देते हुए क्या कहेंगे कि हमारे पास फैसले की कॉपी ही नहीं है। प्रति आने पर हम खुद जाकर कसाब को हाथों में कॉपी देंगे, और प्रति पर उसके हस्ताक्षर करवाएंगे।
देश के कई संगठन मांग कर रहे है कि कसाब को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए। शिवसेना का कहना है कि कसाब को सरेआम बीच बाजार में फांसी पर लटका दिया जाए। शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बुधवार को मांग की कि कसाब को पूरे देश के सामने फांसी दी जाए। उन्होंने कहा कि 2001 संसद पर हमले का मुख्य आरोपी आतंकी अफजल गुरू को अभीतक फांसी पर क्यों नहीं लटकाया गया है, कोर्ट तो उसकी मौत की सजा पर मुहर लगा चुकी है।
उन्होंने कोर्ट के निर्णय पर कहा कि हम देश के दुश्मनों पर किस बात की दया दिखाएंगे। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा कि कसाब को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जानी चाहिए। ठाकरे ने कहा कि अफजल और कसाब को एक साथ फांसी पर लटका देना चाहिए। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई आतंकी हमले में 166 मासूमों की मौत हुई थी।












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