कोयला घोटाला: भाजपा की 3 शर्तों की भेंट चढ़ा मानसून सत्र

भाजपा मुख्य रूप से अपनी तीन शर्तो पर अड़ी हुई है, जिसके कारण लगातार संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। भाजपा की पहली शर्त प्रधानमंत्री का इस्तीफा, दूसरी शर्त उस समय हुए कोल आवंटन को रद्द करना और तीसरी मांग पूरी मामले की निष्पक्ष जांच। कांग्रेस ने भी अब भाजपा के खिलाफ बड़ा रूख अपनाने की ठान ली है।
यूपीए और एनडीए में से कोई भी झुकने के लिए तैयार नहीं है। दोनों ही दल इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए तैयार दिख रहे है। भाजपा सरकार को घेरने से नहीं चूक रही तो, यूपीए भाजपा की शर्त ठुकराने से नहीं चूक रही। ऐसा लगता है कि भाजपा के लिए सरकार को घेरने का, और राजनीतिक फायद उठाने का सुनहरा मौका है।
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा पर वार करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से संसद में हंगामा और ब्लैकमेल करने की कोशीश की जा रही है। उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा कि वह डटकर भाजपा सांसदों का सामना करें। सोनिया ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा गैर-जिम्मेदाराना और अलोकतांत्रिक आचरण अपना रही है।












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