सरकार पता लगायेगी- कहीं रामदेव के पास तो नहीं काला धन

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सजाज सेवा के लिये बनाये गये चैरिटेबल ट्रस्ट पतंजलि योग पीठ अथवा दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट को आयकर विभाग से तमाम सारी छूट मिलती हैं। ये सभी छूट मिली जल्द ही बंद हो जायेंगी। आयकर विभाग ने एक इस संबंध में एक रिपोर्ट वित्तमंत्रालय को भेज दी है। आयकर विभाग समेत वित्तमंत्रालय की एक टीम बाबा रामदेव की आय के स्रोत व खर्च का हिसाब किताब जोड़ रही है।
आंकड़ों के मुताबिक पतंजलि योगपीठ की आमदनी शून्य बतायी गई है, जबकि आयकर विभाग की मानें तो ट्रस्ट को 72.37 करोड़ की आमदनी हुई है। नियम के तहत बाबा को 85 फीसदी आमदनी पर टैक्स से छूट मिल रही है। इससे पहले भी आयकर विभाग ने बाबा को एक नोटिस भेजा था जिसमें 4.94 कोड़ का टैक्स बकाया था।
आयकर विभाग का कहना है कि बाबा का ट्रस्ट नॉन प्रॉफिटेबल नहीं माना जा सकता, क्योंकि ट्रस्ट के अंतर्गत कई व्यापार किये जाते हैं। बाबा की आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री को आयकर विभाग ने आय का स्रोत माना है। इसी प्रकार कई अन्य भी स्रोत हैं, जहां से ट्रस्ट को भारी भरकम मुनाफा पहुंचता है।
कुल मिलाकर देखा जाये तो यहां पर अब केंद्र सरकार ने बाबा के साथ शतरंज का खेल शुरू कर दिया है। दिल्ली के रामलीला मैदान पर जिस तरह बाबा के समर्थन में जनसैलाब दिखा, उससे सरकार की नींदें हराम हो गई हैं। यानी इस खेल में जब जनता पूरी तरह बाबा के साथ है और सरकार अकेली पड़ गई है। लिहाजा बाबा को कहीं न कहीं नीचा दिखाने के लिये सरकार उनके खिलाफ काले धन जुटाने के सबूत खोज रही है, ताकि बाबा सरकार पर उंगली न उठा सकें।












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