कोयला घोटाले पर संसद में बयान दे सकते हैं प्रधानमंत्री
वैसे संसद में मॉनसून सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही सभी की निगाह भाजपा पर होगी। यह देखना होगा कि पीएम के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल कर रही भाजपा सदन को आगे चलने देती है या नहीं। सीएजी की रिपोर्ट में मनमोहन सिंह को जिम्मेदार ठहराये जाने के बाद से भाजपा ने अभी तक सदन की कार्यवाही को अभी तक चलने नहीं दिया है। शुक्रवार को तो सदन के अनिश्चितकाल तक स्थगित किये जाने तक के कयास लगाये जाने लगे थे।
संसद भवन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यदि भाजपा ने आज भी हंगामा जारी रखा तो लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार सर्वदलीय बैठक बुला सकती हैं, ताकि भाजपा समेत सभी विपक्षी दलों को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिये राजी किया जा सके।
कांग्रेस ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को संबोधित किये जाने के बाद भाजपा अपना हंगामा बंद कर देगी और दोनों सदनों की कार्यवाही आगे बढ़ सकेगी। 1.86 लाख करोड़ का घाटा देने वाले कोयला घोटाले पर सीएजी की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने कहा है कि रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा की जायेगी।
पीएम को जाना है ईरान
खास बात यह है कि प्रधानमंत्री को नॉन एलाइंड मूवमेंट सम्मिट में शिरकत करने के लिये मंगलवार को ईरान जाना है। यह शिखर सम्मेलन 30-31 अगस्त को होगा। इससे यह साफ है कि यदि प्रधानमंत्री ईरान चले गये तो बाकी का मॉनसून सत्र भाजपा की बारिश में बह जायेगा और एक बार फिर लाखों के खर्च के बावजूद तमाम विधेयक लंबित रह जायेंगे।
भाजपा की मानें तो जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वह दोनों में से किसी भी सदन की कार्यवाही नहीं चलने देगी। इस संबंध में पार्टी ने एक बैठक भी बुलायी है, जिसमें इस मामले पर आगे की रणनीति तय की जायेगी। इस बैठक के बाद नेता विपक्ष सुषमा स्वराज अन्य विपक्षी दलों का समर्थन जुटा कर यूपीए सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।













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