बेऔलाद दंपित ने किया बच्चे का अपहरण

हनुमान नगर नहर पार फरीदाबाद निवासी नरेश कुमार पुत्र शिव कुमार व सरिता पत्नी नरेश ने थाना भूपानी मे शिकायत दर्ज करवाई की कि उसके पडोसी लक्ष्मण व उसकी पत्नी जानकी की कोई सन्तान नहीं थी वह उनके बच्चो को हमेशा खिलाने के बहाने से अपने पास ले जाते थे। 24 अगस्त, 2012 को भी जानकी व लक्ष्मण नरेश कुमार की पत्नी सरिता से उनके 9 वर्षीय बच्चे अंकित को खिलाने के लिये ले गए थे। उनके वापिस न लौटने पर मामला दर्ज करवाया गया।
पुलिस ने बच्चे की खोज के लिए तत्परता से कार्यवाही करते हुए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पाया गया कि दोषीगण जिला मधुबन बिहार के रहने वाले है। पुलिस टीम ने बिहार जाने वाली रेल गाडियों की जांच पड़ताल की। 25 अगस्त की रात के समय अनुसंधान टीम को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली कि शहीद एक्सप्रैस रेल में दोषी हो सकते है। इस पर पुलिस टीम ने बिहार पहुंचकर बिहार पुलिस की मदद से बच्चे को मुजफरपुर रेलवे स्टेशन से बरामद किया और दोषी को पूछताछ के लिये पुलिस हिरासत मे लिया गया है।
इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में फरीदाबाद के सैक्टर-7 थाने मे शिकायतकर्ता राजेन्द्र शर्मा निवासी सिही ने अपने पुत्र यश वशिष्ठ उम्र 7 वर्ष के अपरहण बारे में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया। इस दौरान 24 अगस्त, 2012 को अभियुक्तों द्वारा बच्चे की रिहाई के बारे मे 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुये पुलिस ने गुप्त सुत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अपरहरणकर्ता व अपहृत बच्चे को हासिल करने के लिए यूपी के उरैया कस्बे मे छापा मारा लेकिन तब तक अपहरणकर्ता उरैया छोड़ चुके थे।
तदोपरान्त पुलिस टीम ने यूपी के इटावा शहर मे एक निश्चित स्थान पर दबिश दी,जहा से यूपी पुलिस की मदद से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया और अपरहणकर्तो को पूछताछ के लिये यूपी पलिस की हिरासत मे ले लिया गया है। अपरहणकर्ताओं में सुनिल कुमार, भूरा व अमर ङ्क्षसंह उर्फ रवि को गिरफतार किया गया तथा पूछताछ के दौरान पता चला की दोषी अमर सिंह उर्फ रवि चार साल पहले राजेन्द्र शर्मा के टैक्सी स्टैण्ड पर बतौर चालक का काम करता था।












Click it and Unblock the Notifications