छात्रनेताओं से खफा अखिलेश, कारण छात्रसंघ चुनाव

अखिलेश यादव ने कहा कि अभी छात्रसंघों के चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है लेकिन पोस्टर, बैनर लगे वाहन दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं जगह जगह होर्डिंग्स भी लग गयी हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों को तत्काल सख्ती से रोका जाए और इन्हें न बढऩे दिया जाए। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव की ग भीरता को समझना चाहिए और छात्र राजनीति में ऐसे युवकों को सामने आना चाहिए जो पूरे छात्र समुदाय के साथ-साथ समाज में रोल मॉडल के रूप में देखे जाते हों।
इस परिप्रेक्ष्य में संबन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे लिंगदोह समिति की संस्तुतियों का कड़ाई से पालन करें। मालूम हो कि मौजूदा सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के कुछ ही समय बाद प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघों को पुनर्जीवित करने का फैसला लिया था।
सरकार ने लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के अनुसार यह चुनाव कराये जाने संबंधी शासनादेश जारी किया है। ङ्क्षलगदोह समिति ने इन चुनावों के लिए मुख्य रूप से जो संस्तुतियों की हैं उनके अनुसार किसी भी प्रत्याशी को मुद्रित पोस्टर,पर्चे अथवा अन्य छपी सामग्री के प्रचार में इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। वह केवल हाथ से बने पोस्टरों का ही प्रयोग कर सकेगा। चुनाव के लिए अधिकतम पांच हजार रपये खर्च किये जा सकेंगे।
प्रचार के लिए लाउडस्पीकर, वाहनों एवं जानवरों का प्रयोग प्रतिबंधित होगा। छात्रसंघ चुनाव वही लोग लड़ सकेंगे जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होगा तथा प्रत्याशी के विरद्ध किसी न्यायालय में आपराधिक मुकदमा न चला हो या उसे सजा न हुई हो। समिति की सिफारिशों में कहा गया है कि यदि कोई प्रत्याशी किसी भी शर्त या व्यय सीमा का उल्लंघन करता है तो उसका चुनाव निरस्त कर दिया जाएगा।












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