रामलीला- 'रावण' सरकार से जंग लड़ने उतरेंगे 'राम' देव बाबा

रामलीला मैदान में मध्य रात्रि को पुलिस की कार्रवाई का शिकार हुए योग गुरू बाबा रामदेव चौदह महीने बाद दोबारा उसी जगह पर कल से आंदोलन शुरू करेंगे। रामदेव विदेशों में जमा कालेधन की वापस लाने की मांग कर रहे हैं। रामदेव के इस बार के आंदोलन में उनके एजेंडे में कालेधन की वापसी के साथ ही लोकपाल विधेयक और सीबीआई को स्वतंत्र बनाने की मांग शामिल है।
साथ ही वह सीईसी (मुख्य निर्वाचन आयुक्त), सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक), सीवीसी (केंद्रीय सतकर्ता आयोग) और सीबीआई के निदेशक की नियुक्ति के लिए अधिक पारदर्शी प्रक्रिया की मांग करेंगे। इससे पहले पिछले साल चार-पांच जून की मध्यरात्रि को रामलीला मैदान में आंदेालन कर रहे रामदेव और उनके समर्थकों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई थी।
पुलिस ने रामदेव को महिलाओं के कपड़े पहनकर रामलीला मैदान से भागते समय पकड़ लिया था। इस साल जून में इस आंदोलन की घोषणा की गयी थी। इस बार का आंदोलन इस लिहाज से और महत्वपूर्ण है कि टीम अन्ना द्वारा अपना अनशन खत्म करने के एक हफ्ते बाद यह शुरू हो रहा है और अन्ना द्वारा अपनी टीम भंग करने की घोषणा के बाद उनके आंदोलन पर लोगों की गहरी निगाह होगी।
रामदेव ने कहा है कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और अगर सरकार ने उनकी ये मांगे नहीं मानी तो उनके आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की जाएगी। रामदेव ने कहा कि हम भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए मजबूत लोकपाल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। लोकपाल अकेले भ्रष्टाचार को खत्म नहीं कर सकता लेकिन भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए इसकी जरूरत है।
रामदेव ने कल कहा कि साथ ही सीबीआई, सीवीसी, सीएजी और सीईसी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी सुव्यवस्थित होनी चाहिए और इसमें कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं काम करे। अगर ऐसा होता है तो 90 प्रतिशत भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने में मदद मिलेगी। हजारे ने पहले घोषणा की थी कि वह रामदेव के आंदोलन में शामिल होंगे लेकिन उनके कल यहां आंदोलन में शामिल होने की संभावना नहीं है। हजारे के एक सहयोगी ने कहा है कि हजारे की अभी हाल फिलहाल दिल्ली आने की योजना नहीं है।
पिछले हफ्ते पूर्व टीम अन्ना के एक सदस्य ने कहा था कि टीम अन्ना को रामदेव से कोई निमंत्रण नहीं मिला है। टीम अन्ना का एक खेमा रामदेव के साथ गठबंधन से खुश नहीं था। योग गुरू ने कहा कि हजारे ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह उनके आंदोलन में भाग लेने आएंगे। तीन जून को रामदेव ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था जिसमें हजारे और उनकी टीम के सदस्य शामिल हुए थे।












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