कांडा ने एमबीए के लिए गीतिका को दिए थे रुपये

कांडा ने सोमवार को यहां तक खुलासा कर दिया कि एमबीए करने के लिए उनकी कंपनी एमडीएलआर ने गीतिका को साढ़े सात लाख रुपये दिए थे। इतनी बड़ी रकम हासिल करने के बाद से गीतिका नौकरी पर नहीं आ रही थी। सिरसा से आजाद विधायक एवं निवर्तमान गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा ने कहा कि उन्होंने स्वयं और एमडीएलआर कंपनी ने गीतिका को एमबीए करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
गीतिका को उन्होंने सिरसा स्थित इंटरनेशनल स्कूल का ट्रस्टी भी बना दिया था। लेकिन साढ़े सात लाख रुपये का चेक हासिल करने के बाद गीतिका ने कंपनी से कोई संपर्क नहीं किया। जब उन्होंने इस बारे में गीतिका की मां से संपर्क किया तो उन्होंने रुपये लौटाने का वादा किया था, जिस पर कांडा ने साफ कर दिया था कि उन्हें रुपये लेने की जल्दी नहीं है। लेकिन वह गीतिका को स्कूल के पेपरों पर साइन करने के लिए जरूर भेज दें।
गोपाल कांडा के मुताबिक जहां तक कंपनी की चीफ को-ऑर्डिनेटर अरुणा चढ्डा द्वारा गीतिका को प्रताडि़त किए जाने का सवाल है, गीतिका ने पैसे लेने के बाद जब नौकरी पर रिपोर्ट नहीं किया तो चीफ को-ऑर्डिनेटर ने स्कूल के पेपर्स पर उसके साइन लेने के लिए गीतिका से कॉन्टेक्ट किया था। फोन कॉल्स का पूरा डाटा पुलिस के पास है।
इससे साफ है कि उनकी पिछले दो महीने से गीतिका से कोई बात नहीं हुई थी। इसलिए उन पर गीतिका को प्रताडि़त करने का आरोप भी निराधार है।
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