पहले से रची गयी थी पुणे में धमाके की साजिश

इस बैठक में कल शाम पुणे में हुए विस्फोटों के बाद देश भर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गयी। शिंदे ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के विशेषज्ञ पहले से ही पुणे में हैं और वे महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच की रिपोर्ट अभी नहीं आयी है। उन्होंने बताया कि घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
यह पूछे जाने पर कि वह अपने गृह प्रदेश में कल हुए चार विस्फोटों को किस प्रकार देखेंगे, मंत्री ने कहा कि मैं नहीं बता सकता कि यह किस प्रकार का हमला था। शिंदे ने कहा कि उनका पुणे जाने का तत्काल कोई कार्यक्रम नहीं है। शिंदे ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती पी चिदंबरम का 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के परिप्रेक्ष्य में आतंकवाद से निपटने की बनाई रणनीति उपयुक्त थी। साथ ही उन्होंने सुधार की गुंजाइश का दरवाजा भी खुला रखा।
एफएसएल की शुरुआती जांच में पाया गया है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। इन धमाकों में इस्तेमाल की गई सभी साइकिलें नई थीं। एनएसजी की टीम ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। टीम के सदस्यों ने चारों जगहों से सैंपल लिए हैं। धमाके में घायल इस समय शक के दायरे से बाहर है, उसकी पत्नी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।












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