अनशन पर बैठे कार्यकर्ता जबरन हटाए गए तो नहीं होगी बातचीत: अन्ना

सरकार की ओर से बातचीत के कोई संकेत नहीं मिलने से चिंतित टीम अन्ना के सदस्यों ने आज सुबह आगे की रणनीति पर चर्चा की और कड़ा रुख अख्तियार करने का फैसला किया। टीम अन्ना ने केजरीवाल और राय से अनशन खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। टीम अन्ना के एक सदस्य ने बताया कि उन्होंने केजरीवाल और राय से अनशन खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और वे अनशन जारी रखेंगे। बैठक में यह परामर्श भी दिया गया कि केजरीवाल और राय की जगह टीम अन्ना के कुछ अन्य सदस्य अनशन पर बैठें। हजारे ने बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों से कहा कि जब तक मजबूत लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो जाता तब तक वह अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, कोई आदमी जब परेशानी में हो तो वह जान दे सकता है। अरविन्द को क्या परेशान कर रहा है? वह देश के लिए लड़ रहे हैं। और यह लड़ाई सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर रही है तथा उन्हें अस्पताल ले जाने की साजिश हो सकती है। लेकिन यह कामयाब नहीं होगी। हजारे ने कहा, यदि सरकार उन्हें जबरन हटाती है तो मैं सरकार में किसी से बात नहीं करूंगा। जब तक हमारे अंदर जान है तब तक हम आंदोलन करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने आज से सरकारी डॉक्टरों के साथ अपनी चिकित्सा रिपोर्ट साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे जबरन अस्पताल ले जाने की साजिश रची जा रही है। मैं सरकारी डॉक्टरों पर भरोसा नहीं करता। यदि वे मुझे जबरन ले जाते हैं तो मुझे यहां से बाहर ले जाने की जिम्मेदारी आपकी है।
टीम ने अनशन स्थल पर दो दौर की बात की जहां अन्ना हजारे का अनशन आज चौथे दिन और केजरीवाल, राय तथा मनीष सिसोदिया का अनशन आठवें दिन में प्रवेश कर गया। अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दिए जाने के बाद केजरीवाल ने कल सरकार को चेतावनी दी थी कि वह उन्हें तथा उनके सहयोगियों को अनशन स्थल से जबरन हटाने की कोशिश नहीं करे। टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास ने आज सुबह प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केजरीवाल और राय की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है। पूरा देश उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। बारिश की वजह से आज सुबह अनशन स्थल पर भीड़ कम थी। यह पूछे जाने पर कि कार्यकर्ताओं के बिगड़ते स्वास्थ्य के मद्देनजर सदस्य क्या योजना बना रहे हैं, टीम अन्ना के एक सदस्य ने कहा, इंतजार कीजिए और देखिए।
सरकार की ओर से बातचीत शुरू करने का कोई संकेत नहीं मिलने से व्यथित हजारे ने कल अपना आंदोलन खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री तक से बातचीत की संभावना से इनकार कर दिया था। उन्होंने विरोधस्वरूप अपना पद्मभूषण लौटाने की धमकी भी दी थी। टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण ने सरकार को बातचीत न शुरू करने के लिए निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि वह चाहती है कि अन्ना जैसे लोग मर जाएं ताकि वह देश को लूटना जारी रख सके। उन्होंने कहा, सरकार ने कहा है कि वह हमसे बात करने के लिए तैयार नहीं है। यह उसका रवैया है। लोगों के प्रति उनके मन में कोई सम्मान नहीं है। वे चाहते हैं कि अन्ना, अरविंद, मनीष जैसे लोग मर जाएं ताकि वे अपनी लूट जारी रख सकें।












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