विरोध, लाठीचार्ज के बाद आ गई मायावती की नई मूर्ति

इससे पहले दोपहर करीब एक बजे मूर्ति का सिर फोड़ने के बाद राज्य में जिस चीज की आशंका जताई जा रही थी, आखिर वही हुआ। एक तरफ बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या लखनऊ में धरने पर बैठ गये, तो दूसरी तरफ कानपुर में सैंकड़ों की संख्या में बसपाई शाम होते-होते सड़कों पर उतर आये और सपा सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। हालांकि कानपुर में पुलिस ने बसपाईयों पर जमकर लाठियां भांजी।
विधान भवन पर धरने पर बैठे स्वामी प्रसाद मौर्य
पूर्व मुख्यमंत्री की मूर्ति तोड़े जाने से नाराज बसपा कार्यकर्ताओं ने गुरूवार की शाम विधान भवन के सामने धरना दे दिया। धरने पर बैठे बसपाइयों का नेतृत्व वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने किया।
देर शाम बसपाइयों ने विधान भवन पर डेरा डाल दिया। बसपाइयों की मांग थी कि जिन लोगों ने दुस्साहस किया उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा मायावती की मूर्ति को पुर्नस्थापित किया जाए।
श्री मौर्य की इस मांग के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि मायावती की मूर्ति को दोबारा लगवा दिया जाएगा तथा पुलिस को निर्देश दिए कि मूर्ति तोडऩे वालों का पता लगातार उन पर कार्यवाही करे। बावजूद इसके बसपा नेता देर शाम धरने पर बैठ गए और कार्यवाही की मांग करने लगे।












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