गुजरात दंगों का गुनहगार हूं तो मुझे फांसी दो: मोदी

पर इस बार उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव और इसी साल गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को देखते हुए गुजरात दंगों पर सच का सामना किया है। वह भी एक साप्ताहिक उर्दू के साथ। उनका साक्षात्कार भी किया सपा के पूर्व सांसद और साप्ताहिक उर्दू नई दुनिया के संपादक शाहिद सिद्दिकी ने। इस साक्षात्कार को लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि नरेंद्र मोदी को भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि मोदी अपनी दंगों पर बिगड़ी छवि को स्पष्ट करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने साक्षात्कार के तहत कहा भी कि अगर वो गुनहगार हैं, तो उन्हें फांसी दे दी जाए। साक्षात्कार में मोदी ने गोधरा के बाद के दंगे, गुजरात में मुसलमानों के हालात और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात की है। हालांकि मोदी को लेकर सोच में बदलाव के सुबूत के तौर पर सिद्दीकी ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू का फैसला उन्होंने मुंबई में बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मी हस्तियों-महेश भट्ट और सलीम खान के साथ लंच के बाद लिया। महेश भट्ट नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिद्दीकी ने बताया कहा कि वो कभी नहीं सोचते थे कि मोदी इंटरव्यू के लिए तैयार भी होंगे।












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