अखिलेश ने पलटा मायावी फैसला, बदले शहरों के नाम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत सोमवार को अखिलेश कैबिनेट ने मायावती के कई फैसले पलट दिए। अखिलेश यादव ने छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी कर दिया। इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने उन आठ जिलों के बदले हुए नाम भी समाप्त कर दिए जिन्हें मायावती ने बदला था।
समाजवादी पार्टी एक-एक कर मायावती के फैसलों को समाप्त करती जा रही है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए लेकिन दो फैसले ऐसे रहे जिनकी चर्चा सत्ता के गलियारों में काफी समय से हो रही थी। अखिलेश यादव ने सबसे पहले छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के नाम को बदलकर पुन: किंग जार्ज मेडिकल युनिवर्सिटी कर दिया। हालांकि पहले इसका नाम किंग जार्ज मेडिकल कालेज हुआ करता था तथा मायावती सरकार द्वारा केजीएमएसी का नाम सीएसएमएमयू किए जाने का काफी विरोध हुआ था।
विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद अब कैबिनेट ने इसका विश्वविद्यालय का दर्जा कायम रखा और इसे केजीएमयू का नाम दिया। कैबिनेट के फैसले से केजीएमयू के चिकित्सकों में काफी खुशी है। दूसरा सबसे बड़ा फैसला जिलों के नामों को वापस लेने का रहा जिसके तहत कैबिनेट ने माया सरकार द्वारा आठ जिलों के बदले नामों को वापस ले लिया। इसके तहत निम्न जिलों के नामों में परिवर्तन हुआ है-
महामाया नगर - हाथरस
काशीराम नगर - कासगंज
प्रबुद्धनगर - शामली
पंचशील नगर - हापुड़
भीमनगर - बहजोई
ज्योतिबाफूले नगर - अमरोहा
रमाबाई नगर - कानपुर देहात
छत्रपति शाहूजी महाराज नगर - गौरीगंज
कैबिनेट ने तय किया अब उपरोक्त जिलों को पुराने नामों से ही जाना जाएगा तथा सभी सरकारी दस्तावेजों में इनके पुराने नाम ही चलेंगे। कैबिनेट के इस फैसले को जहां अन्य पार्टियों ने सराहा वहीं बसपा की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया दर्र्ज नहीं करायी गयी।












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