जीत दर्ज कर रायसीना हिल्स पहुंचे प्रणब मुखर्जी

एक निजी चैनेल को दिए गए इंटरव्यू में अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए और देश वासियों को धन्यवाद करते हुए प्रणब ने कहा कि लोगों में जिस तरह की भावनाएं थीं, उससे यह आम चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था जिसके लिए मैं देशवासियों का शुक्रगुजार हूं । साथ ही उन्होंने लोगों से ये भी वादा किया कि बतौर राष्ट्रपति व संविधान का संरक्षक होने के नाते वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह पूरी ईमानदारी और विनम्रता से करेंगे। जीत से भावुक प्रणब ने ये भी कहा कि मैंने अपने जीवन में राजनीति को जितना दिया आज उससे कहीं ज्यादा मुझे प्राप्त हो गया है।
ये तो हो गयी बात प्रणब कि जीत और संगमा कि हार कि आइये अब आपको बताते हैं कैसे जीते प्रणब।
देश का 13 वां राष्ट्रपति चुनने के लिए 19 जुलाई को हुए मतदान में 776 सांसदों में से 748 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसके मद्देनजर प्रणब को 527 और संगमा को 206 मत मिले। ज्ञात हो कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव सहित 15 सासदों के मत गलत वोटिंग के चलते खारिज कर दिए गए थे ।
बात अगर राज्यों कि हो तो गुजरात, मध्य प्रदेश , तमिलनाडु, ओडिशा, पंजाब, हिमाचल और छत्तीसगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों में प्रणब ने संगमा को क्लीन स्वीप किया।मजे कि बात ये है कि भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले कर्नाटक में भी अजीब स्थिति थी जहाँ संगमा की तुलना में प्रणब को भारी मात्र में वोट मिले।
गौरतलब है कि रायसीना हिल्स पहुँचने के लिए दादा को 5,25,140 का आंकड़ा पार करना था। संसद भवन में दिनभर चली मतगणना के बाद प्रणब को 7 लाख 13 हजार से ज्यादा वोट मिले और उन्हें विजयी घोषित कर दिया। संगमा 3 लाख 16 हजार ले चलते बने ।
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सूत्रों से मिली जानकारी एक अनुसार शुरुआत से ही सब कुछ प्रणब के ही पक्ष में था जिसके मद्देनजर सब कुछ एक औपचारिकता ही लग रहा था साथ ही जब टीएमसी ने दादा को समर्थन दे दिया तो ये बात साफ़ हो गयी कि अब दादा को जीतने से कोई नहीं रोक सकता। आपको बताते चलें कि अन्य प्रमुख दलों के अलावा प्रणब को झामुमो, जदयू और शिवसेना के साथ-साथ माकपा एवं फारवर्ड ब्लाक का भी भरपूर समर्थन मिला था जबकि एनडीए के उम्मीदवार संगमा को भाजपा, अकाली दल, असम गण परिषद, अन्नाद्रमुक और बीजद ने समर्थन दिया था। वहीं मिली जानकारी के अनुसार भाकपा, तेदेपा और टीआरएस ने मतदान में कोई दिलचस्पी न दिखाते हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
आइये आपको बताते हैं कि राज्यों से कितने वोट मिले संगमा को
आंध्र प्रदेश- 1,823
अरुणाचल- 542
असम- 11,013
बिहार- 1,9090
छत्तीसगढ़- 3950
गोवा- 931
हरियाणा- 5321
गुजरात- 59123
झारखंड- 6020
जम्मू-कश्मीर- 6815
हिमाचल- 2344
कर्नाटक-117103
केरल- 12400
महाराष्ट्र- 22547
मणिपुर- 581
मेघालय -3423
मिजोरम -327
नागालैंड- 5800
ओडिशा -26,115
पंजाब- 4,470
राजस्थान- 11,385
सिक्किम -281
तमिलनाडु- 45,148
त्रिपुरा- 561
प.बंगाल -2,753
उत्तराखंड- 3,930
उत्तर प्रदेश - 35,146












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