कांग्रेस को 2014 चुनाव राहुल के नेतृत्व में लड़ना चाहिए

सोनिया गांधी इसी कारण पशोपेश में हैं कि क्या राहुल को इस समय चुनाव मैदान में उतारना ठीक रहेगा। हालांकि उनके शक का समाधान खुद बहुगुणा करते हैं। बहुगुणा कहते हैं, राहुल को पूरे देश से स्वीकार्यता मिल रही है। ऐसे में वही भविष्य के प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किए जाने के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नाडिस ने बहुगुणा के सुर में सुर मिलाया औऱ कहा कि राहुल हमें नेतृत्व प्रदान करेंगे। क्योंकि राहुल में अब लोग अगले प्रधानमंत्री को देख रहे हैं। कंपनी मामलों के मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कहा, अब राहुल गांधी को निर्णायक भूमिका में आना ही होगा। उन्होंने कहा कि राहुल ने पार्टी को काफी समय दिया है और वह देश के युवाओं में काफी उत्साह भर चुके हैं। अब पूरा देश चाहता है कि वह ज्यादा सक्रिय भूमिका में नजर आएं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि गांधी परिवार ने देश को जितना दिया है, उतना देश से लिया नहीं है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने देश के लिए बड़े बलिदान किए हैं। वहीं सुबोध कांत सहाय राहुल को संगठन की कमान भी देने की बात करते हैं। वे चाहते हैं कि राहुल सरकार में भी रहें और संगठन में।
आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह जहां मध्यप्रदेश के सूबेदार हैं वहीं विजय बहुगुणा उत्तराखंड के वहीं उनकी बहन यूपी की सूबेदार हैं। मोइली को कर्नाटक का सूबेदार माना जाता है वहीं सुबोधकांत को झारखंड के सूबेदार के रूप में देखा जाता है। इसलिए अब राहुल के लिए राज्यों से भी मांगें उठनी लगीं हैं। अब देखना है कि सोनिया गांधी इन सूबेदारों को किस प्रकार से संतुष्ठ करती हैं और राहुल के लिए क्या भूमिका तय करती हैं।












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