महिला आयोग की जांच टीम से अलका की छुट्टी

अलका लांबा उस राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच टीम की सदस्य थीं जो गुवाहाटी में लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अलका आयोग दल का हिस्सा बनकर गुवाहाटी गयी थीं और उन्होंने वहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान पीड़िता का नाम सार्वजनिक कर दिया था। इस मामले को भाजपा नेता स्मृति ईरानी समेत कई लोगों ने घोर निंदा की थी और कहा था कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना है।
आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा, ‘‘हमने लांबा को दल से हटा दिया है। वह अब जांच दल की सदस्य नहीं है। पीड़िता का नाम सार्वजनिक करना उनकी गलती है। यही वजह है कि उन्हें हटाया गया है।
कौन हैं अलका लांबा
अलका लांबा कांग्रेसी नेता हैं और उनके पिता का नाम अमरनाथ लांबा है। अलका का जन्म 21 सितंबर 1975 को हुआ। वह रसायन विज्ञान से एमएससी हैं औऱ साथ ही उन्होंने एमएड की डिग्री ले रखी है। उन्होंने शुरुआत से ही राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस के साथ जुड़ गईं। वह इस समय सचिव आल इंडिया कांग्रेस कमेटी, महासचिव दिल्ली कांग्रेस कमेटी औऱ एआईसीसी की सदस्य हैं।
वह 1993 में एनएसयूआई दिल्ली से जुड़ी और 1995-1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र यूनियन की अध्यक्ष रहीं। 2002-2006 तक वह महिला कांग्रेस की महासचिव रहीं। 2006 से 2008 तक वह वाइस चेयरमैन (एनआईपीसीसीडी) रहीं। वह कई बार विदेश यात्राएं कर चुकी हैं साथ ही कई पुरस्कार वह जीत चुकी हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
छेड़छाड़ मामले की जांच करके दिल्ली लौटी राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस के ‘उदासीन और संदिग्ध' रवैये पर सवाल उठाये हैं। आयोग की टीम का कहना है कि कई बार फोन करके बुलाये जाने पर भी पुलिस क्षेत्राधिकार को लेकर उलझी रही और लगभग आधे घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। जिस जगह लड़की को प्रताड़ित किया गया वहां से एक किलोमीटर के दायरे में दो पुलिस थाने आते हैं।
जांच दल ने शनिवार को पीड़ित लड़की, पुलिस और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किये थे और घटनास्थल का दौरा किया था। इस टीम में आयोग की सदस्य वानसुक सीएम, सामाजिक कार्यकर्ता अलका लांबा और असम राज्य महिला आयोग की एक सदस्य शामिल थे। इस टीम के आज यहां रिपोर्ट पेश करने की संभावना थी लेकिन अभी पूरी रिपोर्ट तैयार नहीं होने से अब इसे कल आयोग को सौंपा जा सकता है।
संपादक का इस्तीफा, रिपोर्टर गिरफ्तार
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई द्वारा भी रिपोर्टर की भूमिका पर सवाल उठाए जाने के बाद पुलिस ने उस रिपोर्टर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के एक आलाधिकारी ने बताया कि रिपोर्टर को प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद उससे केवल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
उधर, खबर आ रही है कि चैनल के संपादक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि यह केवल टीवी खबरों में बताया जा रहा है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पायी है। आपको बता दें कि गुवाहाटी में छेड़छाड़ के मामले में टीवी रिपोर्टर की भूमिका को संदिग्ध मानी जा रही है इसलिए चैनल के खिलाफ भी सरकार कार्रवाई की तैयारी में है।












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