सुरक्षा के पैमाने पर सबसे उत्तम है गोरखपुर परमाणु संयंत्र: अरोड़ा

उन्होंने कहा कि देश में इस समय 20 परमाणु संयंत्र सुरक्षित तरीके से काम कर रहे हैं इनमें से कुछ तो 50 साल से भी अधिक समय से सफलतापूर्वक बिजली उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में लगने वाले परमाणु बिजली संयंत्र में पहली बार सीमेंट-कंक्रीट के साथ-साथ स्टील की दीवारें बनाई जाएंगी जो सुरक्षा के पैमाने पर सबसे उत्तम हैं। परमाणु संयंत्र से जुड़ी हर प्रकार की आशंका और भ्रांतियां दूर करने के लिए 17 जुलाई को खुले मंच के माध्यम से कोई भी अपने सवाल का जवाब पा सकता है। इसमें कोई भी सामान्य व्यक्ति अथवा वैज्ञानिक पहुंचकर अपनी शंकाओं का समाधान मौके पर मौजूद वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों से कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इस प्लांट की 20 किलोमीटर की परिधि में बसे हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार सुनिश्चित करेगी। अरोड़ा ने बताया कि इस परमाणु संयंत्र में कुल चार यूनिट लगेंगी और प्रत्येक यूनिट की क्षमता 700 मेगावाट होगी। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में बिजली का उत्पादन आगामी चार वर्षों में शुरू हो जाएगा। प्रदेश को इस प्लांट से 50 प्रतिशत बिजली मिलेगी जबकि बाकी 50 प्रतिशत केंद्रीय पूल में जाएगी। उन्होंंने बताया कि हमारे देश में लगने वाले सभी परमाणु बिजली संयंत्रों की तकनीक भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार की है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में यूरेनियम का पर्याप्त भंडार है और जरूरत पडऩे पर इसका आयात भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्लांट की प्रत्येक यूनिट से 12 से 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।












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