नेपाली लड़कियों को वेश्यालयों में बेचने पर 170 साल की सजा

सिधुपालचौक जिला अदालत ने कल शिखरपुर गांव के बजीर सिंह तमांग को छह नाबालिग लड़कियों को भारत के वेश्यालयों में बेचने का दोषी पाए जाने के बाद 170 साल कैद की सजा सुनायी। नेपाल के इतिहास में यह अब तक दी गयी सबसे लंबी कैद की सजा है। वेश्यालयों से भाग कर अपने घर लौटीं पीडि़ताओं ने तमांग के खिलाफ विभिन्न मामले दर्ज कराए।
तमांग ने उस वक्त 14 से 17 साल की इन लड़कियों को वर्ष 2008 और 2009 में भारत ले जा कर बेचा। ये सभी लड़कियां स्थानीय विद्यालयों की छात्राएं थीं। अदालत ने तमांग के दो सहयोगियों को 16 और साढ़े 12 साल की कैद की सजा सुनायी। इसके अलावा अदालत ने तमांग पर 13 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया और सभी पीडि़ताओं को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।












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