हज की वेबसाइट हैक, यात्रियों की सूची से छेड़छाड़

इस गड़बड़ी की छानबीन उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति ने पहले अपने स्तर पर की, गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर हज अधिकारी तनवीर अहमद सिद्दीकी ने हजरतगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने इस मामले में उक्त 170 लोगों और गड़बड़ी करने वालों के खिलाई आई.टी. एक्ट और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। आईजी/एसएसपी ने बताया कि हज समिति ने इस गड़बड़ी को दूर कर दिया है।
आईजी/एसएसपी आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि हज के आवेदन करने वाले की डाटा इंट्री के काम के लिए हज समिति ने विभाग के 8 ग्रुप तथा दो प्राइवेट क पनी अभिषेक क प्यूटर और रईस थिंकटेंक से भी काम कराया था। इस डाटा इंट्री के लिए हज कमेटी आफ इण्डिया ने एक आईडी और पासवर्ड दिया गया था। 25 अप्रैल तक सभी आवेदनों की इंट्री होनी थी। इसके बाद 10 मई तक इंट्री को सही करने का समय दिया गया था। बीती 15 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नगर विकास मंत्री व राज्य हज समिति के अध्यक्ष मुह मद आजम खां ने कम्प्यूटराइज कुर्रा (लाटरी) निकाली थी।
आईजी श्री पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश को इस बार पहले 25,359 लोगों का कोटा मिला जिसको बाद में बढाकर 29,388 कर दिया गया। आईजी ने बताया कि कुर्रा के बाद किसी तरह की कोई इंट्री नहीं होनी थी। इसके बावजूद भी 17 मई से 29 जून के बीच कुर्रा की लिस्ट में 170 नये नाम जोड़ दिये गये।
इन 170 लोगों में 152 लोगों के नाम प्रतिक्षा सूची में बढाये गये और 18 नाम चयनित सूची में। नाम बढाने के बाद 27 लोगों के पासपोर्ट भी जमा हो गये। इसी बीच बागपत,मेरठ, मुरादाबाद और बिजनौर जनपद से कई लोगों ने इस बात की शिकायत की कि कुर्रा की लिस्ट में जो न बर उनको आवंटित किया गया था वह बदल गया है। इसी बीच उक्त 27 लोगों के पासपोर्ट भी हज समिति के द तर पहुंच गये जिनका नाम बढाया गया था।
कुर्रा की लिस्ट में अचानक गड़बड़ी की बात जब विभाग को पता चली तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गयी। राज्य हज समिति उत्तर प्रदेश में तैनात हज अधिकारी तनवीर अहमद सिद्दीकी ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि लिस्ट में न सिर्फ नाम बढाये गये बल्कि हज कमेटी आफ इण्डिया के सर्वर से भी छेड़छाड़ की गयी थी।
विभागीय जांच के बाद सोमवार को हज अधिकारी तनवीर अहमद ने आईजी आशुतोष पाण्डेय से स पर्क किया और उनको रिपोर्ट दर्ज करने के लिए एक तहरीर भी दी। आईजी ने हजरतगंज पुलिस को इस मामले में उक्त 170 लोगों के खिलाफ आई.टी. एक्ट और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना का आदेश दिया है।
आईजी ने बताया कि जमा किये गये 27 लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लिये गये हैं। पुलिस अब उन लोगों से बातचीत करके इस बात का पता लगाने की कोशिश करेगी कि उन लोगों ने लिस्ट में नाम कैसे और किस की मदद से बढवाये। आईजी ने इस बात की आशंका जतायी है कि इस गड़बड़ी में हज समिति के लोग भी शामिल हो सकते है और डाटा इंट्री करने वाली दोनों क पनियां भी शक के घेरे में हैं।












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