पंजाब हवाला नेटवर्क में दिल्ली का कारोबारी जांच के घेरे में

मामले की जांच में लगे डीआरआई के सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में लुधियाना के दो कारोबारियों के कार्यालय और आवासीय परिसर से दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डाटासंग्रह उपकरणों को जब्त किया गया है । साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जांच में अभी तक ये तथ्य सामने आएं है कि इस पूरे घटनाकर्म में विदेश में बैठे माफियाओं का हाथ है ।
सूत्रों ने भी कहा कि डीआरआई अपराधियों को बेनकाब करने के लिए पेन ड्राईव, सीडी और अन्य जब्त उपकरणों की फोरेंसिक जांच करा रहा है। अधिकारियों ने ये भी दावा किया है कि एक निर्यातक द्वारा फर्जी बिलों के आधार पर की शुल्क वापसी योजना का दुरुपयोग करने और 60 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन लाभ हथियाने के मामले की जांच के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ।
सरकार की शुल्क वापसी योजना के तहत भारत में निर्यात किए जाने वाले विनिर्मित और प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए आयातित कच्चे माल पर लगने वाले शुल्क पर रियायत दी जाती है।
उन्होंने दावा किया कि लुधियाना में कई निर्यात कंपनियां चलाने वाला उक्त निर्यातक अमेरिकी और पश्चिम एशियाई देशों को कथित तौर पर एक हवाला आपरेटर के जरिए कपड़े की लागत बढ़ाकर निर्यात करता था। डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा ‘‘हमने हाल में हवाला आपरेटर को पूछ-ताछ के लिए दो बार बुलाया लेकिन वह आया नहीं। हम उसे फिर बुलाएंगे।''
जांच में जुड़े सूत्रों ने ये भी बताया कि अभी तो हम मामले की सिर्फ एक ही तह तक पहुंचे हैं अगर सब सही चलता है तो कई सारे और सनसनीखेज खुलासे सामने आएँगे। इस पूरे मामले पर डीआरआई ने ये भी दावा किया है कि इस गैरकानूनी हवाला कारोबार के तार विदेश में बैठे कई बड़े सफेदपोश कारोबारियों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के माफियाओं से भी जुड़े हैं।












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