46 साल से अकेले पहाड़ी पर रह रहा है एक इंसान

81 साल के फाउस्टीनो कहते हैं कि वह चीली के लेक ओ हिगिन्स में 46 सालों से अकेले रह रहे हैं। इस इलाके में उनके अलावा कोई नहीं रहता है। दुनिया में इस कदर वीरान इलाके बहुत कम हैं। उनके बारे में अमेरिका के कुछ पत्रकारों को जानकारी हुई तो उन्होंने उनसे मिलने की ठानी। उनके घर तक जाने में पत्रकारों को चार दिन का सफर पैदल करनी पड़ी। यहां कोई सड़क नहीं है। पत्रकारों से उन्होंने कहा, उन्हें पैसे की कोई जरुरत नहीं है।
इस वीराने इलाके में जिंदा और खुश हाल जिंदगी जीने के लिए उनके पास सब कुछ है। उनका दावा है कि जब आप अकेले होते हैं तो जिंदगी बहुत खुश हाल होती है। लगता है वह सार्त्र के दर्शन से वे प्रभावित लगते हैं कि दुनिया का हर इंसान दूसरे के लिए नरक के समान है। एक जमाने में उनका पूरा परिवार यहां रहता था। वक्त के साथ सारे लोग इस वीरान इलाके को छोड़कर चले गए बस वे रह गए।
उनके पास दो तंबू है साथ मछली पकड़ने के लिए एक बोट है। वह पहले चिली के शहरों में मजदूरी करते थे। बाद में उन्हें लगा कि जिंदगी का मजा वीरानगी और अकेलेपन में है। तब वे पहाड़ी पर लौट आए। हैरत की बात है उनकी जिंदगी में अखबार भी शामिल है। वह रोज अखबार भी पढ़ते है। उनके यहां छह महीने का अखबार एक बार एक हाकर देता है। क्यों कि वहां रोज अखबार पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने बड़ी संख्या में गाय और भेड़ पाल रखी है। दूध और मांस के लिए वह इनका इस्तेमाल करते हैं।
वह हर दो साल बाद 25 मील दूर स्थित सबसे नजदीकी गांव में जाते हैं। जहां वह अपने जानवारों को बेचकर इतना पैसा हासिल कर लेते हैं कि आराम से उनकी जिंदगी चलती रहती है। जरूरी चीजे खरीदने के लिए वे साल में एक बार शहर जाते हैं। वह रेडियो के जरिए हर खबर पर नजर रखते हैं। लेकिन टीवी उन्होंने जिंदगी में महज एक बार देखी है। वह कहते हैं कभी-कभी सरकारी बोट यहां की नदी से गुजरती है उनकी जिंदगी खलल पड़ने लगती है।












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