दिल्‍ली में हर रोज लापता होते हैं 14 बच्‍चे

Children
नई दिल्‍ली। अगर आप क्राइम कैपिटल बनती जा रही राजधानी नई दिल्‍ली में रह रहे हैं तो अपने बच्‍चों को संभाल कर रखें, क्‍योंकि यहां हर रोज 14 बच्‍चे गायब हो रहे हैं। यह हम नहीं बल्कि गृह विभाग के आंकड़े कह रहे हैं।

दिल्‍ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को पिछले दो साल के आंकड़े पेश किये हैं, जिनमें बताया गया है कि 2010 से 2012 के बीच 851 दिनों में 11,554 बच्‍चे लापता हुए। यानी हर रोज 14 बच्‍चे लापता हुए। इसमें दिल्‍ली पुलिस की सराहना करनी चाहिये कि प्रत्‍येक 14 में से पुलिस ने 10 को खोज निकाला, लेकिन 4 कभी नहीं मिले।

कुल आंकड़े देखें तो 11,554 बच्‍चों में 7457 खोज निकाले गये, लेकिन 3,117 बच्‍चे अभी तक गुमशुदा हैं। खास बात यह है कि लापता हुए 11554 बच्‍चों में 5464 लड़कियां हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनमें कुछ बच्‍चे ऐसे भी हैं जो लापता होने के बाद खुद ही लौट आये।

चिंता का विषय यह है कि बच्‍चों की गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 2010 में 5091 बच्‍चे लापता हुए, जिनमें से 3937 बच्‍चे मिल गये। वहीं 2011 में 5111 बच्‍चे लापता हुए, जिनमें 3752 ही वापस आये। इस साल अप्रैल 2012 तक 1372 बच्‍चे लापता हो चुके हैं, जिनमें से अभी तक मात्र 768 बच्‍चे ही मिले हैं। लिहाजा अगर आप दिल्‍ली में रह रहे हैं तो अपने बच्‍चों पर पैनी नजर रखें।

क्‍या करें दिल्‍लीवासी-

- बच्‍चे को खुद स्‍कूल छोड़ें व लेकर आयें। यदि बस से जाते हैं, तो समय-समय पर स्‍कूल बस ड्राइवर व सहायक से बच्‍चे के विषय में बातचीत करते रहें।
- बच्‍चे अगर शाम को खेलने जायें तो खुद उनके साथ जायें, या फिर किसी से उसका ध्‍यान रखने को कहें।
- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बच्‍चे का खास ध्‍यान रखें।
- यदि घर के आस-पास कोई संदिग्‍ध व्‍यक्ति नियमित रूप से दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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