बारिश में बह गये माया सरकार के 325 करोड़ रुपए

राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके में 325 करोड़ रुपए की लगात से बना नाला एक बारिश भी नहीं झेल सका और उसकी दीवार ढह गयी। माया सरकार के दौरान तैयार किए गए नाले की दीवार ढहने से कई इलाकों में गंदा पानी भरने लगा। दीवार ढहने को लेकर प्रशासनिक अधिकारी जांच की बात कर रहे हैं।
मायावती के सौ घोटाले भाजपा नेता किरीट सोमैया ने यह आरोप लगाया जो अब सच होता दिखायी दे रहा है। माया के शासन काल में राजधानी के पॉश इलाके विकास नगर में जल निकासी के लिए एक नाला बनाने का प्रस्ताव आया तो लोगों को लगा कि अब उन्हें जल भराव की समस्या से निजात मिल जाएगी।
2850 मीटर लम्बर नाला 325 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ और लोगों ने मान लिया कि इस बार बारिश के दौरान उन्हें जल भराव का सामना नहीं करना होगा लेकिन यह बात अधिक समय तक टिक न सकी। मानसून की पहली ही बारिश में नाला बह गया।
गुरूवार को सवेरे हुई तेज बारिश के बाद जब बहाव चला तो नाले की दीवारे दरकनें लगीं और देखते ही देखते दीवारों में चौड़ी सी दरार आ गयी। शाम होते-होते दीवारें ढह गयीं और ईंट आदि पानी की धार के साथ बह गयीं। जेएनयूआरएम(जवाहरलाल नेशनल अर्बन रिनिवल मिशन) के तहत नाला तैयार किया गया था। सूत्रों की माने तो इस काम में अधिकारियों ने मोटा कमीशन लिया और घटिया तरीके से नाले का निर्र्माण करा दिया।
नाले की दीवारें ढहने के बाद कई अधिकारियों ने मौके मुआयना किया और पाया कि घटिया निर्माण सामग्री लगाने केकारण ऐसा हुआ। फिलहाल नाले की दवारें ढह जाने से इलाके में एक बार फिर जलभराव की समस्या खड़ी हो गयी है। अधिकारियों का कहना है मामले की जांच करा दोषियों को सजा अवश्य दी जाएगी।












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