बिजली अधिकारियों को जबरन धूप में बैठाया

फरीदाबाद, गुडग़ांव में कहीं रोड जाम तो कहीं तोड़फोड़
फरीदबाद में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा है। पांच साल में पहली बार शहर में बिजली कटौती को लेकर हालात इस कदर बिगड़े हैं। हालत यह रही कि 24 घंटे में 30 बार बिजली कट लगे। पूरी रात सिर्फ दो-तीन घंटे ही बिजली आई। उद्योग नगरी में बिजली के लिए जगह-जगह जाम लगा और प्रदर्शन हुए। गुस्साए लोगों ने सब स्टेशनों पर भी तोडफ़ोड़ की। बिजलीकर्मियों से बहस के बाद हाथापाई भी हुई। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देख बिजलीकर्मी मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानें।
लोगों ने नेशनल हाइवे पर जमा लगा दिया। जाम की सूचना पर सेक्टर-31 थाना प्रभारी दलबल के साथ पहुंचे और मौके पर बिजली अधिकारियों को बुलाया। लोगों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया। नेशनल हाइवे पर एक घंटे जाम लगा रहा। वहीं जिले के सबसे बड़े गांव तिगांव सहित 50 गांवों में लोगों का गुस्सा फूटा। दो दर्जन से अधिक रास्तों में ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। बदरौला सब डिविजन कार्यालय में घुसकर लोगों ने नारेबाजी व पथराव कर खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। वहीं एनएच-दो स्थित बिजली दफ्तर में गुस्साए लोगों ने जमकर तोडफ़ोड़ की।
वहां मौजूद बिजलीकर्मियों ने भागकर जान बचाई। पुलिस बल के साथ पहुंचे एसडीओ धर्मेंद्र रुहिल ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इसी प्रकार दयालपुर गांव में सारे रास्ते, बुखार पुर गांव, सेक्टर-सात में दो जगह जाम कर दिया गया। वहीं गुडग़ांव जिले में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा है। जानलेवा गर्मी में रात को चार से पांच घंटे तक कट लगे, जिससे नाराज लोग सड़कों पर उतर आए।कई जगह प्रदर्शन हुआ।
शहर से लेकर गांव तक लोग बिजली संकट से जूझे। साइबर सिटी में औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई है। इससे नाराज उद्यमियों ने भी प्रदर्शन की चेतावनी दी है। एमजी रोड स्थित 66 केवी सब स्टेशन पर लोगों ने पथराव कर शीशा तोड़ दिया। दिल्ली रोड भी तीन घंटे तक जाम रखा। सोमवार रात से मंगलवार दिन तक जगह-जगह जाम लगा।इससे पूरे शहर में लोग जाम से जूझते रहे। दिल्ली-अलवर और सोहना -अलवर मार्ग भी ग्रामीणों ने बिजली की मांग को लेकर जाम कर दिया। ग्रामीण क्षेत्र नूंह, पिनगवां, मेवात, सोहना में भी बिजली के लिए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
कुछ इलाकों में हुई प्री मानसून की बरसात
करनाल प्रदेश के लोगों को ठंडी हवा किसी तरह नसीब हो गई है। बुधवार को चंडीगढ़ व दिल्ली के आस-पास के इलाकों में बौछार पड़ सकती हैं। नमी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में पांच जुलाई को बरसात का मौसम बनने की संभावना है। कुछ इलाकों में इस दिन तो कुछ में छह जुलाई को बरसात हो सकती है। यह मानसून की बरसात नहीं मानी जाएगी। हां इसे प्री-मानसून का नाम दिया जा रहा है। क्योंकि मानसून अभी भी गोरखपुर से आगे नहीं बढ़ा है। सुकून की बात यह है कि मानसून आने की सभी संभावनाएं बन चुकी हैं।
मौसम विभाग का मॉडल यह बता रहा है कि छह जून को प्रदेश के हर छोर में बरसात हो सकती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा ने कहा कि यमुनानगर इकाई शीघ्र ही शुरू हो जाएगी। मानसून देरी से आने के कारण भी बिजली की खपत बढ़ गई है, लेकिन इससे धान की फसल पर असर नहीं पडऩे दिया जाएगा। कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो।












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