क्रिकेट की आड़ में टारगेट सेट करते हैं आतंक के सौदागर

पूछताछ के दौरान आतंकी अबू हमजा ने कबूला कि क्रिकेट या दूसरे खेलों के दौरान वीजा नियमों में नरमी का फायदा उठाकर आतंकी भारत आ जाते हैं और फिर हमले के लिये रेकी करते हैं। इतना ही नहीं अबू हमजा ने यह भी खुलासा किया कि क्रिकेट विश्वकप के दौरान मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच जो सेमीफाइनल मैच खेला गया था, वो लश्कर के निशाने पर था और उसपर हमला किए जाने की योजना थी। इस मैच को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक साथ बैठकर देखा था।
हमजा ने बताया कि मैच वैन्यू पर धमाके के लिये वो केमिकल एक्सप्लोसिव जमा कर रहा था मगर अंतिम समय में आईएसआई के एक आला अधिकारी ने इस प्लान को कैंसिल कर दिया। हमजा ने बताया कि उस अधिकारी का कहना था कि मैच के दौरान हमला खासकर जब दो प्रधानमंत्री बैठे हों तो वह बड़ा रूप ले सकता है। इन सारे खुलासों के बावजूद भी पाकिस्तान का कहना है कि उसे सबूत चाहिए। मुंबई पर अब तक के सबसे खौफनाक आतंकी हमले में हाफिज सईद के हाथ होने के सबूत पुराने हो गए लेकिन पाकिस्तान ने कभी भी उन सबूतों पर भरोसा नहीं किया। जमाद उद दावा चीफ के खिलाफ पाकिस्तान हमेशा और सबूत की मांग करता रहा। फिलहाल हमजा के खुलासों के बाद पाकिस्तान यह सोव कर बैठा है कि चाहें भारत कितनी भी जांच कर ले, सबूत जुटा ले लेकिन वो उन्हें बिल्कुल नहीं मानेगा। ऐसे में आतंक के खिलाफ लड़ने के उसके सारे ही वादे बेपर्दा हो रहे हैं।












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