लावारिस कुत्तों को नार्थ ईस्ट भेजे जाने के बयान पर बवाल

अभी तक करीब आधा दर्जन लोगों को कुत्तों ने मार डाला। कुत्तों से ही निजात दिलाने के लिए बुधवार को पंजाब में विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्यों में खासी नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायक अजीत इंदर सिंह मोफर लावारिस कुत्तों की रोकथाम पर प्रस्ताव लेकर आए थे। मोफर ने कहा कि कुत्तों को पकड़कर नगालैंड, मिजोरम और चीन भेज देना चाहिए, जहां इनकी ज्यादा जरूरत है। उनका इशारा पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ समुदायों की उस प्रथा की ओर था, जिसमें कुत्ते मांस के लिए मार दिए जाते हैं।
मोफार ने पंजाब में कुत्तों के काटने के मामलों तेजी आपने पर चिंता जताते हुए कहा कि आवारा कुत्ते इतनी बड़ी समस्या बन गए हैं कि उनकी वजह से टहलने के लिए बाहर निकालना खतरनाक हो गया है। सदन में हास-परिहास के लिए पेश इस प्रस्ताव से पशु अधिकार संगठनों की त्यौरियां चढ़ गई हैं।
मेनका ने कहा, बयान आपत्तिजनक
मेनका गांधी ने कहा कि मुझे यह टिप्पणी पूर्वोत्तर के लोगों के लिए आपत्तिजनक लगी। पंजाब सरकार को बंध्याकरण कार्यक्रम जैसे कदम उठाना चाहिए। पीपुल फोर एनीमल्स के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने कहा कि नि:संदेह विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे का यथाशीघ्र हल किए जाने की जरूरत है, लेकिन उनके द्वारा सुझाया गया हल अव्यावहारिक और अनैतिक है। उन्होंने कहा कि यह अमानवीय एवं अनैतिक है। कुत्तों को जीने का हक है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार ऐसा कुछ करने का प्रयास करती है तो हम उसे अदालत में घसीटेंगे। कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने अपने सहयोगी के बयान से दूरी बना ली है।












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