दलालों की नहीं लगेगी लाइन, 10 बजे से मिलेगा तत्काल टिकट

बुकिंग कलर्क और दलालों में है सेटिंग
रेलवे के सूत्रों ने बतया कि कंफर्म तत्काल टिकट का दरवाजा टिकट दलाल व बुकिंग क्लर्क के रास्ते खुलता है। इस खेल में बुकिंग क्लर्क का अहम रोल होता है। टिकट आरक्षण काउंटर सुबह आठ बजे खुलते ही टिकट बुकिंग क्लर्क सबसे पहले टिकट दलालों के टिकटों की बुकिंग करते हैं। इसके बाद ही आम लोगों का नंबर आता है। तब तक तत्काल कोटे के सारे कंफर्म टिकट बिक चुके होते हैं। टिकट आरक्षण से जुड़े सूत्रों के अनुसार टिकट दलाल आरक्षण केंद्र के बाहर सुबह-सुबह पहुंचकर वहां टिकटों के लिए इंतजार कर रहे लोगों से सौदा करते हैं और उनसे आईडी प्रूफ नंबर, यात्रियों के नाम व पते की जानकारी लेकर टिकट बुकिंग क्लर्क को फोन पर दे देते हैं। दलाल तय यात्रा टिकट से प्रति यात्री 700-1000 रुपये अधिक वसूलते हैं। इसमें टिकट बुकिंग क्लर्क को प्रति यात्री 200-300 रुपये मिलते हैं। इस काम में टिकट बुकिंग क्लर्क के अलावा पार्सल बुकिंग, आरपीएफ व होमगार्ड के जवान भी शामिल होते हैं। यह बात रेलवे के अभियान में भी साबित हुई है।
10 बजे से 12 बजे तक बंद रहेगी एजेंटों की बुकिंग
रेलवे काउंटरों और इंटरनेट पर तत्काल टिकट की बुकिंग का समय सुबह आठ के बजाय 10 बजे से होगा। 10 से 12 बजे तक रेलवे एजेंटों के लिए बुकिंग बंद रहेगी। सामान्य बुकिंग पहले की तरह आठ बजे से ही होगी, और इस पर दस बजे तक एजेंटों की बुकिंग बंद रहेगी। ऐसा एक ही वक्त पर तत्काल और सामान्य आरक्षण की भीड़ और उसमें दलालों की सहज घुसपैठ से बचने के लिए किया गया है।
आईआरसीटीसी को मजबूत करने की कवायद
तत्काल स्कीम के दलालों द्वारा दुरुपयोग और ई-टिकटिंग में साइबर सेंधमारी की शिकायतों के बाद रेल मंत्रालय इस समस्या से निजात पाने को पूरी ताकत से जुट गया है। इस संबंध में रेल भवन में सोमवार को एक और उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता स्वयं रेलमंत्री मुकुल राय करेंगे। इसमें रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे, आइआरसीटीसी और क्रिस के आला अफसर शिरकत करेंगे। बैठक में तत्काल ही नहीं, बल्कि टिकटों के आरक्षण के अन्य सभी तरह के मामलों की समीक्षा की जाएगी और दलालों तथा सेंधमारों से निपटने के उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके लिए साइबर सिक्यूरिटी विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है।












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