एक बार फिर भारत पर मंडरा रहे हैं मंदी के काले बादल: कौशिक बसु

Kaushik Basu, chief economic advisor
दिल्‍ली। देश पर एक बार फिर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। यह हम नहीं बल्कि सरकार के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु का कहना है। बसु का कहना है कि अर्थिक विकास में धीमापन नजर आ रहा है और आगामी सितंबर तक विकास में ग्रोथ आने की उम्‍मीद कम ही नजर आ रही है। कौशिक बसु के मुताबिक आने वाले तीन महिनों में मंहगाई में कमी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।

बसु ने कहा है कि मंहगाई में 7 फीसदी कमी आ सकती है मगर वो भी सितंबर के बाद ही। मीडिया से बातचीत के दौरान बसू ने कहा कि अक्‍टूबर माह के बाद अर्थ व्‍यवस्‍था में रफ्तार पकड़ सकती है। कौशिक बसु का मानना है कि रुपये में कमजोरी आना देश के लिये व्‍यापार घाटा कम करने का अच्‍छा मौका है। सरकार में बैठे लोगों के बारे में बोलते हुए बसु ने कहा कि अर्थिक सुधार में तेजी का लाने का फैसला सिर्फ वही कर स‍कते हैं।

बसु ने कहा कि ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सरकार और उद्योग को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। हालांकि, सरकार और उद्योग के बीच भरोसे की कमी है। कौशिक बसु का मानना है कि रुपये में कमजोरी आना देश के लिए व्यापार घाटा कम करने का अच्छा मौका है। कमजोर रुपये की वजह से निर्यात में बढ़ोतरी नजर आ सकती है। खैर मामला कुछ भी हो मगर एक बार मंदी की चोट ने भारत को लगभग खोखला ही कर दिया था। ऐसे में सरकार और सरकार में बैठे लोगों से आम आदमी की यही गुहार है कि कुछ भी कर इस बार भारत को मंदी की गिरफ्त से दूर करें।

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