जब मां का दूध भी बन गया जहर- सत्यमेव जयते

Satamev Jayate
आमिर ने अपने शो सत्यमेव जयते के इस बार के एपिसोड में मसला उठाया खाने के पदार्थों में बढ़ते ज़हर का । उन्होने बताया कि सिर्फ खाने के पदार्थों में ही नहीं बल्कि बच्चे के लिए अमृत माने जाने वाले मां के दूध पर को इस ज़हर ने नहीं बख्शा। 24 जून को शो में मौजूद रिपोर्टर रश्मि सिंह ने बताया कि उनके द्वारा की गई जांच में मां के दूध में तकरीबन 400-800 प्रतिशत पेस्टिसाइड पाए गए।

देश में बढ़ती जन्मजात विकृति का कारण खेतों में अनाज और फलों की बेहतर खेती के लिए स्प्रे किये जाने वाला पेस्टीसाइड हैं। किसानों को कहा जाता है कि ये पेस्टीसाइड प्रयोग करने से फसल अच्छी होगी और उनका मुनाफा भी लेकिन इस पेस्टीसाइड के प्रयोग से इंसानो की सेहत पर पड़ रहे बुरे प्रभाव पर कोई ध्यान नहीं देता।

जयपुर के डॉक्टर श्री नोवल कावर ने कहा कि हर इंसान में फोलिक एसिड होता है जो कि बेहतर सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन इस कीटनाशक स्प्रे से फोलिक एसिड खत्म हो जाता है और सेहत खराब होने लगती है। सब्जियों से लेकर चावल, आटा, फलों तक में इस ज़हर की मात्रा बढ़ती जा रही है।

आंकडे- आमिर ने इस ज़हर की खेती पर रोशनी डालते हुए कहा कि भारत में हरित क्रांति की शुरुआत होने के साथ ही देश में कीटनाशकों का छिड़काव भी शुरु हुआ। धीरे धीरे कीटनाशकों की मात्रा इतनी बढ़ गई कि खेतों में होने वाला कोई अनाज पेस्टीसाइड के ज़हर से बच ना सका।

केरला में इस पेस्टीसाइड के चलते हर रोज जन्मजात विकृति में बढ़ोतरी होती जा रही थी और ये पेस्टीसाइड स्प्रे प्लांटेशन कार्पोरेशन ऑफ केरला द्वारा की जा रही थी। इनके असर के चलते केरला में भारी संख्या में औरतों का गर्भपात भी हो रहा था। आखिरकार कोर्ट में दर्ज हुए केस की बदौलत इस स्प्रे का छिड़काव कम किया गया और आज वहां जन्मजात विकृति की संख्या ना के बराबर है।

कविता- आशा संगठन की एक कार्यकर्ता ने बताया कि भारत में प्रयोग किये जाने वाले 67 से ज्यादा कीटनाशक दवाएं विदेशों में बैन हैं। और हम यहां उसी कीटनाशक का प्रयोग अपने खेतों में खाने के पदार्थों पर कर रहे हैं।

रज्जो श्राफ- भारत की सबसे बडी पेस्टीसाइड कंपनी के मालिक श्री रज्जो श्राफ ने इन सभी तथ्यों से इंकार करते हुए कहा कि पेस्टीसाइड के प्रयोग से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता बल्कि इन्हीं की वजह से फसल अच्छी होती है।

आमिर ने पंजाब का उदाहरण लेते हुए बताया कि उनकी टीम ने पंजाब का नुमायना किया और जांच में पाया गया कि पंजाब जो कि पूरे भारत का 2 प्रतिशत हिस्सा है वहां सबसे ज्यादा प्रतिशत में पेस्टीसाइड का प्रयोग किया जाता है। इसका असर कुछ इस कदर सामने आया है कि पंजाब के शहर भटिंडा से लेकर बीकानेर तक हर रोज एक ट्रेन चलती है जिसे कैंसर ट्रेन के नाम से जाना जाता है। इस ट्रेन में सफर करने वाले 100 में से 70 लोग कैंसर पेशेंट होते हैं।

वंदना शिवा- कृषि विज्ञानिक वंदना शिवा ने बताया हमारे देश में आर्गेनिक खेती के ना होने की वजह से ही ये बीमारियां देश में फैलती जा रही हैं। सिर्फ अपने फायदे के लिए ही सरकार इन पेस्टीसाइड को बेच रही है। अगर आर्गेनिक खेती की जाए तो फसल भी अच्छी होगी और साथ ही स्वास्थय पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

आमिर ने अपने शो के अन्त में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देते हुए कहा कि अगर हमें सिक्किम से सीख लेनी चाहिए जहां केमिकल खेता बिल्कुल बैन है और सिर्फ ऑर्गेनिक खेती का ही प्रयोग किया जाता है।

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